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तीन तलाक के 'संकट' से मुक्ति के लिए हनुमान जी की शरण में मुस्लिम महिलाएं

Thu, 11 May 2017 02:14 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, वाराणसी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 11 May 2017 02:14 PM IST
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Muslim women in shelter of Hanuman Ji for the liberation of triple talaq 'crisis'
Muslim women against triple talaq - फोटो : अमर उजाला

तीन तलाक के संकट से मुक्ति के लिए वाराणसी की मुस्लिम महिलाएं अब संकटमोचन हनुमान जी की शरण में पहुंच गई हैं।  इन मुस्लिम महिलाओं ने बुधवार को पातालपुरी मठ में 100 बार हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वामी इंद्रेश भी मौजूद रहे।

Muslim women in shelter of Hanuman Ji for the liberation of triple talaq 'crisis'
Muslim women recite Hanuman Chalisa - फोटो : अमर उजाला
मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्रीराम की आरती से चालीसा की शुरुआत की। मुस्लिम महिला फाउंडेशन की ओर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने कहा कि तीन तलाक धर्म नहीं बल्कि महिलाओं पर अत्याचार का मामला है।
Muslim women in shelter of Hanuman Ji for the liberation of triple talaq 'crisis'
Muslim women recite Hanuman Chalisa - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 10 मई 1857 को देश में अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति के लिए स्वतंत्रता आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इस घटना के ठीक 160 साल बाद तीन तलाक जैसी सामाजिक कुप्रथाओं से मुक्ति के लिए संघर्ष की शुरुआत हुई है।
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Muslim women in shelter of Hanuman Ji for the liberation of triple talaq 'crisis'
Muslim women recite Hanuman Chalisa - फोटो : अमर उजाला
 फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी ने बताया कि 11 मई को सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ में तीन तलाक पर सुनवाई होनी है। इससे देशभर की मुस्लिम महिलाओं में बेचैनी है। इसीलिए सुनवाई से एक दिन पूर्व तुलसीदास जी द्वारा स्‍थापित हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन किया गया है।
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Muslim women in shelter of Hanuman Ji for the liberation of triple talaq 'crisis'
Muslim women recite Hanuman Chalisa - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि तीन तलाक अमानवीय है। इससे सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। सवाल उठाया कि तलाकशुदा महिलाओं के जीवन यापन का रास्ता आखिर क्या हो। महिलाओं ने मांग की कि तीन तलाक देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। नाजनीन अंसारी ने कहा कि तीन तलाक देकर बेघर करने वाले धर्म का हवाला न दें। हर कीमत पर तीन तलाक को रोकना होगा। 
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