वाराणसी में सोमवार की रात हुई दो हत्याओं ने दहला दिया है। रोहनिया थाना क्षेत्र के कुरहुआ में सोमवार की रात जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े एनडी तिवारी पर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी थी। वहीं, लंका थाने से चंद कदम की दूरी पर रविदास गेट के पास शाम को फल विक्रेता सोनू मौर्य की हत्या कर दी गई थी। कुछ समय के अंतराल में हुई दो हत्याओं से शहर दहल गया है। इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जो बीएचयू के छात्र हैं। बाकी की तलाश की जा रही है। वहीं, एनडी तिवारी हत्या के मामले में क्षेत्र के संदिग्ध गतिविधियों वाले तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है। देखें अगली स्लाइड्स...।
पुलिस के अनुसार, रोहनिया थाना क्षेत्र अखरी निवासी एनडी तिवारी हर सोमवार को शूलटंकेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन करने जाते थे। सोमवार की रात भी वह मंदिर से दर्शन-पूजन कर वापस घर जा रहे थे। कुरहुआ स्थित एक स्कूल के समीप बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोका और बातचीत की। बातचीत के दौरान ही बेहद करीब से एनडी तिवारी पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। बदमाशों के असलहे से निकली पांच गोली एनडी तिवारी की गर्दन और सीने के समीप लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर लोग मौके पर भाग कर आए तो बाइक सवार हमलावर भाग निकले।
स्थानीय लोगों की सूचना पर आई पुलिस आननफानन एनडी तिवारी को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गई जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वारदात की सूचना पाकर आईजी रेंज एसके भगत और एसपी ग्रामीण बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि अब तक यही जानकारी मिली है कि एनडी तिवारी जमीन की खरीद-बिक्री का काम करते थे। इसके साथ ही वह ब्याज पर लोगों को पैसा भी बांटते थे। आशंका यही है कि जमीन विवाद की रंजिश में ही एनडी तिवारी की हत्या की गई है। आरोपियों का पता लगाकर उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। उधर, एनडी तिवारी की हत्या के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। एनडी तिवारी की पत्नी सुमन तिवारी की हालत बेसुधों जैसी थी। परिजनों ने बताया कि एनडी तिवारी का एक बेटा और दो बेटियां हैं।
लंका में फल विक्रेता की हत्या
नगवां के रहने वाले रमेश मौर्या के बेटे मोनू और सोनू(36) रविदास गेट के बगल में ठेले पर फल की दुकान लगाते हैं। कुछ दिनों पूर्व बीएचयू के छात्रों से फल के भाव को लेकर विवाद हुआ था। इसी बात से खार खाए बीएचयू के कुछ छात्र और बाहरी युवक लाठी-डंडे से लैस होकर पहुंचे और सोनू व मोनू दोनों भाई की पिटाई करने लगे। बीच बचाव को आए कुछ युवकों पर भी लाठी भांजने लगे। इसी दौरान हमलावरों में एक ने चाकू से ताबड़तोड़ सोनू के सीने पर कई वार कर लहूलुहान कर दिया। बचाव को आगे आए छोटे भाई मोनू के दाहिने हिस्से में चाकू से वार कर घायल कर दिया।
देखते ही देखते लंका रविदास गेट पर अफरा तफरी मच गई। जब तक पुलिस पहुंची तब तक हमलावर भाग निकले। इसी बीच दो युवकों को क्षेत्रीय लोगों ने पकड़ जमकर पिटाई की। किसी तरह पुलिस दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने आई और घायलों को बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। इलाज के दौरान सोनू ने दम तोड़ दिया। लंका इंस्पेक्टर महेश पांडेय ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी बीएचयू के छात्र हैं। बाकी अन्य हमलावरों की तलाश में दबिश दी जा रही है।