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मकर संक्रांति 2019 : इन कार्यों को करने से बेहद फलदाई होता है यह पर्व
Sun, 13 Jan 2019 01:27 PM IST
kapil kumar
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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Published by: kapil kumar
Updated Sun, 13 Jan 2019 01:27 PM IST
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डेमो
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हिंदू सनातन धर्म में मकर संक्रांति पर्व का अपना विशेष महत्व है देश के अलग-अलग हिस्सों में संक्रांति को अलग अलग रूप में मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य की आराधना होती है जिसे जम्मू कश्मीर और पंजाब में लोहड़ी और दक्षिण भारत में पोंगल के नाम से मनाया जाता है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
Makar Sankranti
ज्योतिषविद विमल जैन ने बताया कि सूर्य मकर संक्रांति पर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। जिसके फलस्वरूप मकर संक्रांति मनाई जाती है। मकर संक्रांति के दिन से दक्षिणी गोलार्ध से उत्तरी गोलार्ध की ओर आने लगता है। जिससे मौसम, राशि और समय में बदलाव आना शुरू हो जाता है। रात छोटी और दिन बड़े होने लगते हैं।
मकर संक्रांति 2019
मौसम में बदलाव शुरू हो जाता है। वहीं, सूर्य ग्रह धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करता है। मकर संक्रांति पर खरमास खत्म हो जाता है। इस वर्ष 14 जनवरी सोमवार को रात 7:52 पर सूर्य ग्रह धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करेगा। इस प्रकार मकर संक्रांति मंगलवार 15 जनवरी को मनाई जाएगी।
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मकर संक्रांति
- फोटो : Social Media
भक्तजन मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान और अपने इष्ट देवता की पूजा करके अपने सामर्थ्य के हिसाब से दान आदि करें तो संक्रांति बेहद फलदाई होगी। मकर संक्रांति के दिन चावल और काले उड़द की दाल की बनी खिचड़ी खाने और दान देना काफी शुभ कर है इस दिन तिल से बने पकवान खाना फलदाई सिद्ध होता है।
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Makar Sankranti
विमल जैन ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन ब्राह्मण को तिल और गुड़ से बने व्यंजन काले तिल ऊनी वस्त्र कंबल मिठाई और अन्य वस्तुएं दान करने का विधान है। यह सभी वस्तुएं ब्राहमण को दक्षिणा के साथ दान करनी चाहिए जिससे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।