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तस्वीरेंः नए धान की बालियों से सजा मां अन्नपूर्णा का दरबार, काशी में सदियों से चली आ रही ये परंपरा

Thu, 09 Dec 2021 06:29 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 09 Dec 2021 06:29 PM IST
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Maa Annapurna Temple kashi Decorated With Paddy crops 17 Day Mahavrat end in varanasi
मां अन्नपूर्णा का दरबार - फोटो : अमर उजाला

शिव की नगरी काशी में अन्न की देवी मां अन्नपूर्णा का दरबार नए धान की बालियों से सजाया गया। भक्तों ने माता के दरबार की परिक्रमा की और इसके साथ ही 17 दिवसीय व्रत अनुष्ठान का समापन गुरुवार को हुआ। पूर्वांचल के जिलों से पहुंचे किसानों ने माता के दरबार में नए धान की बालियां अर्पित कीं।



किसानों के साथ आम श्रद्धालुओं ने भी मां भगवती को धान की बाली चढ़ाई और मां से घर मे सुख-समृद्धि की अर्जी लगाई और इसी के साथ सत्रह दिनी व्रत की पूर्णाहुति हो गई।  गुरुवार तड़के महंत शंकर पुरी ने मां अन्नपूर्णा के विग्रह को पंचामृत स्नान कराया।

इसके बाद नूतन वस्त्र और आभूषणों से माता का शृंगार हुआ। मां भगवती की पूजा और आरती के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके बाद अन्न की देवी मां अन्नपूर्णा के दरबार मे सुख-समृद्धि मनोकामना के लिए चल रहे 17 दिवसीय व्रत अनुष्ठान का उद्यापन किया।

Maa Annapurna Temple kashi Decorated With Paddy crops 17 Day Mahavrat end in varanasi
मां अन्नपूर्णा का दरबार - फोटो : अमर उजाला

किसी ने 21 फेरी तो किसी ने 101 और 501 फेरी लगाकर मनौती को पूर्ण किया। इस मौके पर पूरे अन्नपूर्णा दरबार को धान की बालियों से सजाया गया। सत्रह दिनी व्रत रखने वाली महिलाओं ने 17 गांठ के धागे और इतनी ही संख्या में फल-फूल, दूर्वा, चावल और सिंदूर से सविधि पूर्वक पूजा अर्चना किया।

Maa Annapurna Temple kashi Decorated With Paddy crops 17 Day Mahavrat end in varanasi
मां अन्नपूर्णा का दरबार - फोटो : अमर उजाला
मध्याह्न भोग आरती में धान की बालियों से मां का श्रृंगार किया गया और पूरे गर्भ गृह समेत पूरे मंदिर प्रांगण को सजाया गया। सुबह चार बजे से शुरू हुआ दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। मंडलायुक्त और जिलाधिकारी ने भी सपत्नीक व्रत का उद्यापन कर दर्शन पूजन किया। 
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Maa Annapurna Temple kashi Decorated With Paddy crops 17 Day Mahavrat end in varanasi
धान की बालियों से सजा मां अन्नपूर्णा का दरबार - फोटो : अमर उजाला
महंत शंकर पुरी ने बताया कि मां अन्नपूर्णा के व्रत से अन्न-धन, पुत्र, यश, वैभव और आरोग्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि किसान धान की बालियां मां को इसलिए अर्पित करते हैं कि उनके अन्न के भंडार में वृद्धि हो और इन्हीं बालियों को अगले वर्ष बीज में मिलाते हैं जिससे धान की उपज बढ़ जाती है।
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Maa Annapurna Temple kashi Decorated With Paddy crops 17 Day Mahavrat end in varanasi
मां अन्नपूर्णा का दरबार, - फोटो : अमर उजाला
शिव की नगरी काशी के बारे में कहा जाता है इस शहर में कभी कोई भूखा सोता। ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि यहां पर जहां एक तरफ बाबा विश्वनाथ अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं तो वहीं दूसरी तरफ माता अन्नपूर्णा बाबा के भक्तों का पेट भरने के लिए काशी में ही वास कर रही हैं। 
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