राजनीति में कल तक गलबहिया करने वाले कब मंच लगाकर दूसरे को ललकारने लगेंगे, कहा नहीं जा सकता। कुछ ऐसा ही नजारा घोसी सीट पर इस बार के चुनाव में देखने को मिलेगा। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में..
विधान सभा चुनाव में गठबंधन के तहत भाजपा के सहयोग से हुंकार भरने वाले सुभासपा के प्रत्याशी महेंद्र राजभर इस चुनाव में भाजपा को ललकारेंगे। बड़ी बात यह है कि विधानसभा चुनाव में जनसभा करने आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महेंद्र राजभर को 'कट्टप्पा' की संज्ञा दी थी। ऐसे में चर्चा है कि महेंद्र राजभर 'कट्टप्पा' है तो इस बार हरिनारायण राजभर 'बाहुबली' बन गए।
वर्ष 2017 में हुए विधान सभा चुनावों में जिले की मऊ सदर सीट गठबंधन के तहत सुभासपा के खाते में गई थी। महेंद्र राजभर छड़ी चुनाव चिह्न से मैदान में उतरे थे। बसपा के टिकट पर बाहुबली मुख्तार अंसारी तो सपा से अल्ताफ अंसारी सहित अन्य लोग मैदान में थे। इसी दौरान 27 फरवरी 2017 को भुजौटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि अपराधियों का स्थान जेल में होता है, या तो फिर उनका अंत होता है।
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महेंद्र राजभर
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार के चुनाव में 'बाहुबली' का अंत ‘कट्टप्पा’ बनकर मैदान में उतरे महेंद्र राजभर की छड़ी करेगी। विधान सभा चुनाव में महेंद्र राजभर हार भले ही गए पर उनकी पहचान 'कट्टप्पा' के रूप में हो गई। दो साल में ही स्थितियां बदल गईं और महेंद्र राजभर इस बार सुभासपा के टिकट पर घोसी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
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हरिनारायण राजभर
- फोटो : अमर उजाला
अब भाजपा से सुभासपा अलग होने के बाद सुभासपा के खिलाफ 'बाहुबली' हरिनारायण राजभर बने हैं। लोगों में चर्चा है कि मोदी ने जिसे 'कट्टप्पा' की संज्ञा दी, वह इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ ही मंच लगाकर हुंकार भरेगा। बताते चलें कि घोसी लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में बालकृष्ण चौहान, गठबंधन की तरफ से बसपा ने अतुल राय को तो भाकपा से अतुल अंजान प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। सिर्फ भाजपा के प्रत्याशी का घोसी से इंतजार था। जो रविवार को जारी प्रत्याशियों की सूची के बाद खत्म हो गया।