जौनपुर के जफराबाद के अहमदपुर में माता-पिता की हत्या करने के आरोपी पुत्र अम्बेश ने अपने गुनाहों पर पर्दा डालने की भरपूर कोशिश की लेकिन खुद को बचा नहीं पाया। वारदात के अगले दिन रात में वह घर आया और खून साफ किया। उसने अपनी बहन अपर्णा को फोन कर बताया कि मम्मी-पापा कहीं चले गए हैं। उसका शाम को उनसे झगड़ा हो गया था।
एएसपी सिटी के मुताबिक पिता श्यामलाल और माता बबिता की हत्या करने के बाद उनके शव को ठिकाने लगाने के पहले और बाद में लगातार दो दिन रात में सफाई की। माता और पिता के ही कपड़ों से सफाई करने के बाद कपड़ों को सूखने के लिए छत पर डाला।
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गोताखोर कर रहे शव की तलाश
- फोटो : अमर उजाला
यही नहीं, हत्या में प्रयुक्त सिलबट्टा और आरी को घर के अंदर ही बालू में छिपाया। इसके बाद अपनी छोटी बहन अपर्णा को फोन किया। अर्पणा के मुताबिक उसने फोन करके बताया की पापा और मम्मी कहीं चले गए हैं।
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मां- बाप की हत्या का आरोपी अंबेश
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वह अभी तक नहीं आए, समझ में नहीं आ रहा क्या करूं। इसके बाद खुद को बचाने के लिए माता पिता को खोजने का नाटक करने लगा। उसने माता-पिता के लापता होने की खबर अपने परिचित, रिश्तेदारों को भी दी। माता-पिता के लापता होने की अफवाह फैलाने के बाद खुद खोजबीन में जुट गया।
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घर पर छानबीन करती पुलिस
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कोलकाता भागने की तैयारी में था अम्बेश
माता-पिता की हत्या करने के बाद आरोपी पुत्र अम्बेश कोलकाता भागने की तैयारी में था लेकिन बाद में पकड़ लिया गया। वह दो दिन जौनपुर और एक दिन वाराणसी में रहा। मृत दंपती मूल रूप से खरगसेनपुर का रहने वाले थे जो नवासे पर 40 साल पहले जफराबाद थाना क्षेत्र के अहमदपुर अपने ससुराल में रहने लगे।
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मृतकों की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
माता-पिता की हत्या के बाद उनका इकलौता बेटा अम्बेश कुमार खरगसेनपुर भी भी गया था जहां माता-पिता के लापता होने की जानकारी दी थी। खुद माता-पिता के खोजबीन करने निकलने की बात कहीं। वह माता-पिता को खोजने का नाटक करता रहा। उधर, वाराणसी सिंधौरा थाना क्षेत्र के कटौना निवासी बहन वंदना ने 13 दिसंबर को जफराबाद थाने में माता-पिता और इकलौते भाई के गुमशुदगी की तहरीर दी।