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IIT BHU: अब दो रुपये में लीजिए एक घंटे ‘डिजिटल’ साइकिल की मजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 29 Mar 2018 02:29 PM IST
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अगर आप साइकिल चलाना चाहते हैं और आप के पास खुद की साइकिल भी नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं है। आईआईटी बीएचयू परिसर में एक रुपये जमा करके आधे घंटे की साइकिलिंग कर सकते हैं। वहीं एक घंटे के लिए आपको दो रुपये चुकाने पड़ेंगे। डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करती यह साइकिल सेवा पूरी तरह से डिजिटल है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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साइकिल लेने, उसका किराया देने, उसे वापस जमा करने का पूरा सिस्टम डिजिटल और हाईटेक है। मोबाइल एप से चलने वाली यह साइकिल डिजिटल लॉक और डिजिटल पेमेंट पर आधारित है। मंगलवार को निदेशक प्रो. राजीव संगल ने लाइब्रेरी तिराहे से लिंबडी हॉस्टल तक साइकिल चलवाकर अभियान का शुभारंभ किया।
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आईआईटी बीएचयू और जूमकार कंपनी के बीच इसके लिए समझौता हुआ है। उद्घाटन के बाद निदेशक ने कहा कि इससे न केवल शारीरिक लाभ होगा बल्कि पर्यावरण प्रदूषण का खतरा भी कम होगा। आने वाले दिनों में इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा।
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छात्र अधिष्ठाता प्रो. बीएन राय ने बताया कि कंपनी की ओर से अब तक 35 साइकिल मंगाई गई है, अगले महीने 65 साइकिल और आ जाएगी। संस्थान में हॉस्टल, शैक्षणिक क्षेत्र में दस स्थानों से साइकिल मिल सकेगी। छात्र संसद उपाध्यक्ष साई तेजा रेड्डी ने साइकिल पूरी तरह से जीपीएस तकनीक पर आधारित है।
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इसे इस्तेमाल करने के लिए आप को जूमकार एप्प डाउनलोड करना होगा। एप में रजिस्ट्रेशन के बाद ही संस्थान में सभी साइकिल की लोकेशन मिलेगी। पेटीएम से एक रुपये प्रति आधे घंटे के शुल्क जूमकार को भुगतान करने के बाद साइकिल पर उपलब्ध बारकोड मोबाइल से स्कैन करने पर साइकिल का ताला अपने आप खुल जाएगा।