तीनों लोकों से न्यारी काशी और इसके इष्ट महादेव के जादू से दुनिया की पहली महिला ह्यूमनॉयड रोबोट सोफिया भी नहीं बच सकी। स्वतंत्रता भवन में सवालों के जवाब के दौरान जब पीले रंग की बनारसी साड़ी में सोफिया ने नम पार्वती पतये हर-हर महादेव के नारे लगाए तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
बनारसी सिल्क साड़ी पहने ह्यूमनॉयड सोफिया जब बोली हर-हर महादेव, तो गूंजीं तालियां
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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में सोफिया की एक झलक पाने के लिए युवाओं में जबरदस्त क्रेज नजर आया। आलम यह था कि घंटों पहले ही स्वतंत्रता भवन का हाल फुल हो गया और गेट को बंद करना पड़ा। इसके बाद भी सैकड़ों की संख्या में छात्रों का हुजूम सड़कों पर जमा रहा।
- सवाल- वर्तमान में एक बड़ी बीमारी बन चुके तनाव जैसी मानसिक स्थिति से निपटने के लिए आप अपने दोस्तों (मानव जाति) की क्या मदद करेंगी।
- जवाब- मशीन को इंसान ने बनाया है, मशीन ने इंसान को नहीं। इसलिए तनाव कोई बीमारी नहीं यह एक दीमागी स्थिति है, जिसे सुधारने के लिए खुद को नियंत्रित रखने की जरूरत है।
- सवाल- आपकी उम्र कितनी है और आपके पिता कौन है।
- जवाब- मैं एक मशीन हूं इसलिए मेरी कोई उम्र तय नहीं है और जिसने मुझे बनाया है वही मेरा सबकुछ है।