संस्कृत की एक लाडली बेटी है यह हिंदी। बहनों को साथ लेकर चलती है यह हिंदी। सुंदर है, मनोरम है, मीठी है, सरल है, ओजस्विनी है और अनूठी है ये हिंदी। हिंदी से हमारी पहचान है और इसका संबंध हमारी अस्मिता से है। हम अलग-अलग किसी भी भारतीय भाषा को मातृभाषा के रूप में प्रयोग करने वाले हो सकते हैं, लेकिन जब हमें विश्व में एक भारतीय के रूप में पहचान की आवश्यकता होती है, तब हमारी भाषाई पहचान हिंदी भाषी के रूप में ही होती है। यह कहना है देश के युवाओं का जो अपनी मातृभाषा पर गर्व करते हैं।
#हिंदीहैंहम: जन-जन की भाषा है हिंदी, देश के युवाओं को हिंदी पर है गर्व
भावनाओं को व्यक्त करने में सहायक है हिंदी
हिंदी भाषा के महत्व से हर हिंदुस्तानी परिचित है। हिंदी हमारे लिये वो माध्यम है, जो सचमुच भारत वर्ष को एकता व अखंडता की डोर से बांध कर रखती है। भारत में इस मिथक को तोड़ना बहुत आवश्यक है कि अंग्रेजी ही एक कुशल व समझदार नागरिक का निर्माण करती है। आज हिंदी विदेशों तक में लोकप्रिय तथा प्रचलित है। मेरे अध्ययन के विषयों में अंग्रेजी अवश्य है और मुझे कई अंग्रेजी लेखक भी प्रिय हैं पर जब भी मुझे कविता अथवा कोई साहित्य लिखने का मन करता है तो अंग्रेजी के शब्दों से ज्यादा हिंदी के शब्द मेरी भावनाओं को उचित रूप में प्रस्तुत करते हैं। सीखने के लिए दूसरी भाषाएं जरूरी हो सकती हैं पर आप जिस भाषा के साथ जन्म लेते हैं दुनिया की कोई भाषा उस भाषा का स्थान नहीं ले सकती। खुशी है कि आज पूरी दुनियां में सोशल मीडिया, टेलीविजन, सिनेमा और अन्य तकनीकी माध्यमों से हिंदी बोली व समझी जा रही है। हमें अपनी मातृभाषा से प्यार और मोहब्बत करना बहुत जरूरी है क्योंकि हिंदी हैं हम, वतन हैं, हिन्दुस्तां हमारा। - दर्शिता शुक्ल, छात्रा, बीए तृतीय वर्ष, बीएचयू
हिंदी देश की आत्मा
हिंदी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। भारत के विकास में हिंदी का योगदान अति महत्वपूर्ण है। यदि हम भारत को विकसित देश के रूप में देखना चाहते हैं तो हिंदी के महत्व को हम सबको समझना होगा। जो सम्मान, संस्कृति और अपनापन हिंदी बोलने से आता है, वह अंग्रेजी में दूर-दूर तक नहीं दिखाई देता है। हिंदी पढ़ना और पढ़ाना हमारा कर्तव्य है। उसे हम सब को अपनाना है। यह संप्रेषण का सबसे सशक्त माध्यम है। न सिर्फ शिक्षा और कविता के क्षेत्र में बल्कि रेडियो, टीवी और सोशल साइट्स पर भी हिंदी का क्रेज बढ़ गया है। - गरिमा सिंह, छात्रा
देश और विदेश में पहचान दिला रही हिंदी
राष्ट्रभाषा देश का सम्मान, देश का अभिमान, देश की एकता की पहचान राष्ट्रभाषा महान। भारत में अनेक भाषाओं के होते हुए भी हिंदी का अपना महत्व है। हिंदी भारत की आत्मा में बसी हुई है, जो हर प्रदेश में जानी-पहचानी जाती है। विविधता में एकता भारत जैसे बहुभाषी, बहुपंथी और बहुरंगी देश की सबसे बड़ी शक्ति रही है। इस शक्ति का एक स्रोत हिंदी भाषा ही है। - सिद्धि सिंह, छात्रा
एकता के सूत्र में पिरोती हिंदी
हिंदी भारत की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा के साथ-साथ विश्व में दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। हिंदी वो भाषा है, जो विविधताओं से भरे हमारे देश को एकता के सूत्र में पिरोती है। अगर अपने दिल और मन की बात किसी भाषा में सहजता से की जा सकती है तो वो है हिंदी। इंटरनेट के प्रसार से किसी को अगर सबसे ज्यादा फायदा हुआ है तो वह है हिंदी। सोशल मीडिया पर इस सरल भाषा में अपने विचार व्यक्त करके हम अपनी बात ज्यादा से ज्यादा लोगों तक आसानी से पहुंचा पाते हैं।- अंशुमान बरनवाल, छात्र