फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कारवां गुजर गया: काशी में गोपाल दास नीरज को सुनने के लिए उमड़ती थी भीड़

Fri, 20 Jul 2018 10:15 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 20 Jul 2018 10:15 AM IST
विज्ञापन
Gopaldas neeraj has strong relation to varanasi
Gopaldas Neeraj
प्रसिद्ध कवि गोपाल दास नीरज की काव्य रचनाओं में से एक कारवां गुजर गया, गुबार देखते रहे, और हम खड़े-खड़े बहार देखते रहे... आज भी हर किसी की जुबां पर है। नीरज का बनारस आना जाना अक्सर लगा रहता था। कई कवि सम्मेलनों में हिस्सा लेने के साथ यहां कई कवियों की पुस्तकों का विमोचन करने आते थे। उनकी कविताओं को सुनने के लिए काफी भीड़ उमड़ती थी। बृहस्पतिवार शाम उनके निधन की सूचना पहुंची तो काशी के साहित्यकारों में शोक की लहर दौड़ गई।  आगे की स्लाइड्स में देखें..
Gopaldas neeraj has strong relation to varanasi
gopaldas - फोटो : अमर उजाला
साहित्यकार डा. जितेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि गोपाल दास नीरज बनारस कई बार आए। 2016 में सर्किट हाउस में ओमधीरज की पुस्तक के विमोचन में आए थे। उन्होंने कविता को लोकप्रियता दिलाई। कवि सुदामा तिवारी (सांड़ बनारसी) ने कहा कि बनारस में आयोजित होने वाले कई कवि सम्मेलनों में वह आए। टाउनहाल के अलावा डीरेका में संचेतना के कार्यक्रम में शरीक हुए थे। श्रीकृष्ण तिवारी की पुस्तक का विमोचन भी किया था। 
 
Gopaldas neeraj has strong relation to varanasi
गोपाल दास नीरज ने दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस

यहां नीरज नाइट कार्यक्रम हुआ था। उस कार्यक्रम में तीन दिन बनारस में सिगरा स्थित गिरधर दास संस के मकान में रुके थे। साहित्यकार डा. गया सिंह ने कहा कि वह बीएचयू के अलावा टाउनहाल में आए थे। जिस प्रकार हरिवंश राय बच्चे अपनी मधुशाला को लेकर खड़े रहे उसी प्रकार नीरज अपनी काव्य रचनाओं को लेकर खड़े रहने वालों में से थे। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Gopaldas neeraj has strong relation to varanasi
गोपाल दास नीरज
वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ भट्टाचार्य ने कहा कि कारवां गुजर गया नई उम्र की नई फसल फिल्म का गीत गोपाल दास नीरज ने लिखा था। मोहम्मद रफी ने आवाज दी थी। यह विद्यार्थी जीवन पर आधारित रहा। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कुछ दृश्य का फिल्मांकन किया गया था। 

गीतकार ओम प्रकाश चौबे ओमधीरज ने कहा कि गोपाल दास नीरज उस पीढ़ी के गीतकार थे जिन्होंने साहित्य से लेकर फिल्मी दुनिया तक को गौरव दिलाया। गीत को जनप्रिय बनाया। 2016 में उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान की ओर से अस्सी पर आयोजित कवि सम्मेलन में आए थे।

 
विज्ञापन
Gopaldas neeraj has strong relation to varanasi
गोपाल दास नीरज
साहित्यकार प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा, एक शानदार गीतकार जिनके गीतों की ताकत ने मंच पर अपार लोकप्रियता हासिल की। गीतों से एक कारुणिक व  मद्धिम आवाज निकालने वाले नीरज काफी दीप्त स्वर में सुने जाते थे। प्रेम पगी उनकी कविताओं में जीवन का उल्लास समाहित था। दिनकर और बच्चन के बाद मंच के सर्वाधिक लोकप्रिय शायर के प्रति विनम्र श्रद्धांजलि... इस उम्मीद से कि उनका सूफियाना अंदाज फ़िज़ाओं में गूंजता रहेगा! यह उन्हीं का गीत है- कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता है....बादलों पर सर्वाधिक गीत लिखने वाला शायर आज बादलों में विसर्जित हो गया! 
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed