आजमगढ़ में चार लोगों की हत्या और मुठभेड़ में मारे गए आरोपी अरविंद को लेकर चौंकाने वाला जानकारी सामने आई है। दरअसल, इस पूरे खून-खराबे की बुनियाद 2019 में पड़ गई थी। अरविंद के चचेरे भाई मनीष सिंह ने उसके सगे भाई सुनील सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में वह जेल भेजा गया था। लगभग डेढ़ महीने पूर्व ही जेल से छूटा था।
मृत सुनील सिंह की पत्नी के भाई सूरज सिंह ने बताया कि बबीता का मनीष सिंह के साथ प्रेम संबंध चल रहा था। इस बात की जानकारी सुनील सिंह को हो गई थी। सुनील महाराष्ट्र में रहते थे। वह बाला साहब ठाकरे के जनसंपर्क अधिकारी थे। सुनील ने ही चचेरी भाई मनीष सिंह के खिलाफ चोरी, छिनैती, छेड़खानी सहित करीब 20 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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आजमगढ़ में घटना के बाद मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
एक मामले में अदालत ने मनीष सिंह और उसके भाई अवनीश को 20 साल की सजा सुनाई थी। दोनों 2019 में जमानत पर जेल से बाहर निकले और सुनील सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया।
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आजमगढ़ में घटना के बाद मौके पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
दोनों भाई लगभग डेढ़ महीने पहले ही जेल से छूटकर आए हैं। इससे परिवार के लोग परेशान रहते थे। सूरज सिंह के मुताबिक, अरविंद सिंह की पत्नी बबीता और उसकी मां ने पुजारियों से बात की थी। पुजारियों ने ही उन्हें बताया था कि सुनील सिंह की आत्मा उन्हें परेशान कर रही है। इस पर अरविंद की मां और पत्नी ने मिलकर पुजारियों को पूजा-पाठ के लिए बुलाया।
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आरोपी अरविंद और पत्नी बबीता की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार से पूजा चल रही थी। अरविंद ने पुजारियों को अगले दिन न आने की चेतावनी दी थी। लेकिन, किसी ने ध्यान नहीं दिया। मंगलवार को पूजा होते देख अरविंद भड़क गया और गाली देते हुए पत्नी बबीता से कहा कि तेरे चक्कर में मेरे भाई की हत्या हो गई। अब तुम ड्रामा कर रही हो। इसके बाद गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इससे हड़कंप मच गया।
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मां और भतीजी घर से बाहर आ गए थे
मां और भतीजी घर से बाहर आ गए। एक पुजारी बच कर निकल गए। लेकिन हत्यारोपी की 10 साल की बेटी, 11 महीने की बेटी और 7 साल का बेटा घर में रह गया। जिन्हें उन्हें बंधक बना लिया। मौके पर पहुंची पुलिस दरवाजा खुलवाने की कोशिश में जुटे रहे।