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Flood in Varanasi: चार महीने काले पानी की सजा जैसी जिंदगी जीते हैं तीन मोहल्ले के लोग, समाधान की आस

Mon, 21 Jul 2025 08:45 PM IST
अमन विश्वकर्मा राघवेंद्र पांडेय, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
राघवेंद्र पांडेय, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 21 Jul 2025 08:45 PM IST
सार

Flood in UP: वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद लोगों में दहशत का माहाैल है। आबादी क्षेत्र में पानी घुस जाने से रहवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ जाता है।

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Flood in Varanasi People of three localities live life of black water punishment for four months
नदी के पानी में डूब रहे हैं घर। - फोटो : अमर उजाला

Flood in Varanasi: वरुणा नदी की तलहटी में बसे तालीम नगर, हिदायत नगर और उंचवा इलाके के लोगों के लिए हर साल जुलाई से अक्तूबर तक के महीने किसी सजा से कम नहीं होती। यहां रहने वाली 15 हजार की आबादी हर साल बाढ़ के काले पानी से घिरकर बेबसी की पीड़ा झेलते है। इसका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। 

Flood in Varanasi People of three localities live life of black water punishment for four months

गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण वरुणा के पलट प्रवाह से इन इलाकों में सबसे पहले बाढ़ का पानी प्रवेश करता है और सबसे अंत में निकलता है। जैसे ही नदी का जलस्तर बढ़ता है, यहां रहने वाले परिवार के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की धड़कनें तेज हो जाती हैं।

Flood in Varanasi People of three localities live life of black water punishment for four months
शुरू हो गया पलायन। - फोटो : अमर उजाला

तालीम नगर निवासी सलीम बताते हैं कि हमारे लिए चार महीने नर्क से भी बदतर होते हैं। बाढ़ का पानी सिर्फ घर में नहीं घुसता, वह हमारी दिनचर्या, शांति और हिम्मत को भी बहा ले जाता है। हिदायत नगर की रुख्सार कहती हैं कि हम जब घर लौटते हैं तो एक कीचड़ से भरी कोठरी मिलती है। एक मंजिल तक कीचड़ जमा होता है, जिसे हटाने में हफ्तों लग जाते हैं। 

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Flood in Varanasi People of three localities live life of black water punishment for four months
वरुणा का पानी आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। - फोटो : अमर उजाला

बाढ़ के बाद की सफाई, बीमारियां और दोबारा गृहस्थी बसाना पहाड़ जैसा होता है। प्रशासन की ओर से राहत शिविर या नाव की व्यवस्था भले हो जाती हो, लेकिन चार महीने तकमजबूरी का दंश झेलना पड़ता है। शैलपुत्री निवासी 73 साल के शिवनारायण राजभर का कहना है कि पहले के मुकाबले अब वरुणा के किनारे रहने वाली आबादी चार गुना बढ़ चुकी है।

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Flood in Varanasi People of three localities live life of black water punishment for four months
मारुति नगर काॅलोनी में बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला

कोनिया में नहीं पहुंची राहत सामग्री, माताबारी में ऊपरी मंजिल पर ली है शरण
वरुणा और गंगा की बाढ़ से घिरे इलाकों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन राहत और बचाव की स्थितियां संतोषजनक नहीं हैं। रविवार को अमर उजाला की टीम ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों की पड़ताल की। कहीं सरकारी नाव और राहत सामग्री नहीं पहुंची है तो कहीं लोगों ने मकान की ऊपरी मंजिल पर शरण ले रखी है।

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