यूपी में बाढ़ का कहर अभी जारी है। पूर्वांचल के कई जिलों में गंगा खतरे के निशान के पार बह रही हैं। गांव तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं बलिया में शनिवार को गंगा के जलस्तर में खास वृद्धि नहीं देखी गई। उदय छपरा में 15 मकानों के साथ ही काली माता मंदिर गंगा की जलधारा में विलीन हो गया। आजमगढ़ में घाघरा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। इसके साथ नदी कटान भी कर रही है। कुल 12 घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। वहीं बनारस में गंगा के जलस्तर में तेजी से गिरावट शुरू हो गई है।
यूपी में बाढ़: बलिया में गंगा की लहरों में समाए 15 मकान, बनारस में तेजी से घट रहा जलस्तर
आजमगढ़ में ग्रामीणों की चिंता बढ़
आजमगढ़ के देवारा खास राजा के बगहवा का पुरा में घाघरा कटान कर रही है। इस समय गांव के 12 घरों पर कटान का खतरा है। गांगेपुर में तेजी से कटान हो रही है। गांगेपुर रिंग बांध से महज पांच मीटर दूरी पर घाघरा कटान कर रही है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।
बनारस में गंगा के जलस्तर में तेजी से गिरावट
बनारस में गंगा के जलस्तर में तेजी से गिरावट शुरू हो गई है। सुबह धीमी रफ्तार से उतर रहा गंगा का जलस्तर शाम को तेजी से कम होने लगा। हालांकि अभी भी बनारस में गंगा खतरे के निशान के पार बह रही हैं। शनिवार शाम आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 71.40 मीटर था। यह अभी भी खतरे के निशान 71.26 मीटर से 14 सेंटीमीटर अधिक है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार रात 12 बजे के बाद गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच जाएगा।
बलिया में उच्चतम बाढ़ बिंदु की ओर गंगा
बलिया में गंगा उच्चतम बाढ़ बिंदु से 14 सेंटीमीटर नीचे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गायघाट गेज पर शनिवार शाम गंगा का जलस्तर 60.250 मीटर पर पहुंच चुका था। हाई फ्लड लेवल 60.390 मीटर से महज 14 सेंटीमीटर दूर है। गनीमत यह है कि पानी बढ़ने की रफ्तार में कमी आई है। शनिवार की दोपहर उदय छपरा में गंगा ने उग्र रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते 15 मकान गंगा की लहरों में समा गए। ब्लॉक बेलहरी के हल्दी भदवरीया टोला और बजरहां ग्राम पंचायत में तीन लोगों के घरों की दीवार बाढ़ के चलते जमींदोज हो गई।
गाजीपुर में घटने लगा गंगा का जलस्तर
गाजीपुर में गंगा का जलस्तर शनिवार की सुबह आठ बजे से एक सेंटीमीटर प्रति घंटे घट रहा है। गंगा के तटवर्ती गांवों के लोगों ने इससे राहत की सांस ली है। हालांकि दुश्वारियां बरकरार हैं। पिछले कई दिनों से गंगा और सहायक नदियां कहर बरपा रही थीं। इसके चलते जहां शहर के गंगा घाटों की सीढ़ियां डूब गई थीं, वहीं कई शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में पानी घुसने के कारण परेशानी बढ़ गई थी। शुक्रवार शाम को पानी में ठहराव आने के बाद शनिवार सुबह से पानी घटने लगा। दोपहर बाद तीन बजे जलस्तर 64.640 मीटर रिकार्ड किया गया।