{"_id":"6400e398b8f2ec6ef900b88c","slug":"fake-medicines-worth-rs-7-5-crore-recovered-in-varanasi-kingpin-is-10th-fail-2023-03-02","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बनारस में 7.5 करोड़ रुपये की नकली दवाएं बरामद: 10वीं फेल है सरगना, मजदूर से बना मालिक, हैरतअंगेज खुलासे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस में 7.5 करोड़ रुपये की नकली दवाएं बरामद: 10वीं फेल है सरगना, मजदूर से बना मालिक, हैरतअंगेज खुलासे
ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली दवाएं खपाने वाले गिरोह का खुलासा यूपी एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने गुरुवार को किया। गिरोह के सरगना को सिगरा क्षेत्र की चर्च कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया। निशानदेही पर ही एसटीएफ ने सिगरा और लहरतारा स्थित उसके गोदाम से 300 पेटी नकली दवाएं बरामद की हैं। इसकी अनुमानित कीमत 7.5 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोपी की पहचान बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद स्थित टीचर्स कॉलोनी निवासी अशोक कुमार के रूप में हुई है। इसके खिलाफ सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
आरोपी पर गैंगस्टर एक्ट और रासुका की भी कार्रवाई होगी। इस मामले में 15 अन्य आरोपियों की तलाश में छापे मारे जा रहे हैं। नामी कंपनियों के नाम की नकली दवाएं बेचने के आरोप में गिरफ्तार सरगना अशोक कुमार हाईस्कूल फेल है। उसने पूछताछ में कई राज उगले हैं।
2 of 8
अशोक कुमार
- फोटो : अमर उजाला
अशोक बुलंदशहर में गद्दा बनाने वाली फैक्ट्री में मजदूरी करता था। सात वर्ष तक ऑटो रिक्शा भी चला चुका है। लेकिन, नकली दवाओं की आपूर्ति में मोटा मुनाफा देखकर पूर्वांचल आ गया। एसटीएफ के एडिशनल एसपी ने बताया कि अशोक कुमार ने बुलंदशहर के सिकंदराबाद स्थित किसान इंटर कॉलेज में दाखिला लिया था।
वर्ष 1987 में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी, लेकिन फेल हो गया था। वर्ष 2003 से 2010 के ऑटो चलाता रहा, फिर गद्दा बनाने की फैक्ट्री में 12 हजार रुपये प्रतिमाह पर मजदूरी करने लगा। लापरवाही पर काम से हटा दिया गया तो वह फिर ऑटो चलाने लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात बुलंदशहर के नीरज से हुई।
नीरज नकली दवाओं का काम करता था। नीरज के यहां ही वह माल ढुलाई करने लगा। वहीं उसे नकली दवाओं के कारोबार की जानकारी हुई। इसके बाद नीरज से ही नकली दवाओं को खरीद कर झोलाछाप को बेचने लगा। नीरज की नकली दवाएं वर्ष 2019 में अमरोहा में पकड़ी गईं थीं। प्रकरण को लेकर विवाद बढ़ा तो अशोक कुमार ने उसका साथ छोड़ दिया।
एसटीएफ के मुताबिक, अशोक तीन वर्ष पहले ही वाराणसी आया और कैंट रोडवेज बस स्टेशन के पीछे की चर्च कॉलोनी में किराये पर कमरा ले लिया। इसके बाद उसने हिमाचल प्रदेश के उन लोगों से संपर्क किया, जिनसे कि बुलंदशहर का नीरज नकली दवाएं खरीदता था।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।