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चित्रकूट के खूंखार डकैतों से पहले भी लोहा ले चुके थे शहीद दरोगा जेपी सिंह

Fri, 25 Aug 2017 10:51 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर Updated Fri, 25 Aug 2017 10:51 AM IST
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Chitrakoot Daroga JP Singh Martyr in encounter with dreaded dacoits
शहीद दरोगा जेपी सिंह - फोटो : अमर उजाला

चित्रकूट के घने जंगलों में पुलिस और डकैतों के बीच भीषण मुठभेड़ में यूपी पुलिस के जांबाज दरोगा जेपी सिंह शहीद हो गए। सात लाख के इनामी डकैत बबली कोल गैंग के साथ पुलिस की मुठभेड़ के दौरान दरोगा जेपी सिंह ने बहादुरी के साथ डकैतों का सामना किया लेकिन उन्हें सीने में गोली लग गई।

Chitrakoot Daroga JP Singh Martyr in encounter with dreaded dacoits
घटनास्थल पर पुलिस और एसटीएफ के लोग

रैपुरा के उपनिरीक्षक जेपी सिंह को मानिकपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से फायरिंग हुई जिसमें डकैत लवलेश कौल को पुलिस ने मार गिराया।

Chitrakoot Daroga JP Singh Martyr in encounter with dreaded dacoits
jp singh home - फोटो : अमर उजाला

वहीं सात लाख का इनामी डकैत बबली कोल गोली लगने के बाद भी भागने में कामयाब हो गया। शहीद दरोगा जयप्रकाश सिंह जौनपुर जिले के नेवढ़िया थाना क्षेत्र के बनेवरा गांव के रहने वाले थे। हादसे की सूचना पाकर पूरा गांव शोक में डूब गया। वहीं कई लोग शव लाने के लिए चित्रकूट रवाना हो गए।

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Chitrakoot Daroga JP Singh Martyr in encounter with dreaded dacoits
jp singh home - फोटो : अमर उजाला

दरोगा जयप्रकाश सिंह 1991 में सिपाही पद पर भर्ती हुए थे। 2012 में विभागीय परीक्षा देकर वह उपनिरीक्षक बन गए। उनकी शुरुआती शिक्षा गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। इसके बाद उन्होंने आदर्श इंटर कालेज इटाएं से इंटर तक और स्नातक की पढ़ाई पीजी कालेज मड़ियाहूं से की।

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Chitrakoot Daroga JP Singh Martyr in encounter with dreaded dacoits
jp singh home - फोटो : अमर उजाला

स्‍थानीय लोगों ने बताया कि दरोगा जेपी सिंह इससे पहले दो बार चित्रकूट में डकैतों के साथ मुठभेड़ में शामिल रहे थे। गांव से उन्हें बहुत लगाव था। चार दिन पहले ही वह गांव आए थे। उनके पिता जी किसान हैं। वह दो भाई हैं और उनकी एक बहन है। उनका भाई भी पुलिस में है और गोरखपुर में तैनात है।

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