फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

प्रवासियों का दर्द: इन आंखों में हैं अधूरे ख्वाब और अंतहीन पीड़ा...

Sat, 16 May 2020 07:00 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sat, 16 May 2020 07:00 PM IST
विज्ञापन
Continuation of migrants from Maharashtra, Gujarat and Delhi continues
जिंदगी बचाने की जुगत में अपनी मंजिल की ओर बढ़ते कदम - फोटो : अमर उजाला

कोरोना महामारी से बचाव के लिए जब लॉकडाउन 1.0 ने जिंदगी की गाड़ी पर ब्रेक लगाया, तो उम्मीद थी कि माना कि घना अंधेरा हो गया है, पर जल्दी ही सुबह होगी। पर लॉकडाउन 1 के बाद 2 फिर 3 भी बीतने को है और चौथे चरण का भी एलान हो गया है। इस घोषणा के साथ ही प्रवासियों को जिंदगी की गाड़ी चलने  की उम्मीद थी, वो आस अब आंखों से ओझल सी हो गई है। अब तो बस एक ही सपना है जिसे हकीकत बनाने के लिए महराष्ट्र, गुजरात दिल्ली सहित देश के अन्य राज्यों में बसे पूर्वांचल के जिलों के लोग चल दिए अपने पुरखों के वतन की ओर। 


 

Continuation of migrants from Maharashtra, Gujarat and Delhi continues
पैदल चलने की जब नही रही ताकत तो एक-दूसरे का बने सहारा - फोटो : अमर उजाला

दरअसल, पूर्वांचल के वाराणसी, जौनपुर सहित अन्य जिलों की आधी आबादी देश के अन्य राज्यों में रोजगार करके अपना और अपनों का भरण-पोषण करती है। लॉकडाउन ने जब रोजगार छीना, तो पेट भरने पर संकट आ गया।
           

Continuation of migrants from Maharashtra, Gujarat and Delhi continues
जिंदगी जीने की चाहत में नहीं रही सुख सुविधाओं की आस - फोटो : अमर उजाला

इस संकटकाल में सबको बस एक ही उम्मीद दिखी और वो थी अपने वतन पर गुजर बसर करने का। जब उम्मीद दिखी, तो हजारों किलोमीटर का नामुमकिन सा सफर मुमकिन हो गया और जो जिस हाल में था, वो परिवार को लेकर चल पड़ा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Continuation of migrants from Maharashtra, Gujarat and Delhi continues
जिंदगी बचाने की जुगत में अपनी मंजिल की ओर बढ़ते कदम - फोटो : अमर उजाला

सरकारों ने जब तक इस मुश्किल को महसूस किया और कुछ करने की सोची तब तक तो एक बड़ी आबादी पैदल सफर शुरू कर चुकी थी और आज भी तय कर रही है। अब प्रवासियों को लेकर स्पेशल ट्रेनें भी आ रही हैं, पर उतने ही लोग सड़कों पर लगातार चलते थके कदमों से, आंखों में बेबसी के आंसू लिए चले जा रहे हैं अपने वतन की ओर।

विज्ञापन
Continuation of migrants from Maharashtra, Gujarat and Delhi continues
सताने लगी धूप तो गमछा बना सहारा - फोटो : अमर उजाला

केंद्र सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि जिस राज्य से मजदूर जा रहे हैं, और जहां जा रहे हैं, उन दो राज्यों द्वारा इनकी पहले जांच करने और उनमें लक्षण न पाए जाने के बाद ही सड़क मार्ग से आवाजाही के लिए सहमत होना चाहिए और राज्यों को सैनिटाइज्ड बसों की व्यवस्था भी करनी होगी। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed