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रिपोर्ट: दिल्ली और NCR से ज्यादा यूपी की आबोहवा खराब, देखें प्रमुख शहरों का हाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 01 May 2018 02:20 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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क्लाइमेट एजेंडा की ओर से जारी रिपोर्ट ‘एयर किल्स’ में उत्तर प्रदेश की आबोहवा दिल्ली एनसीआर से ज्यादा खराब है। आंकड़े बताते हैं कि हवा का जो स्तर वर्तमान समय में प्रदेश में है वो सेहत के लिए कतई ठीक नहीं। औसत मानक से पांच से लेकर दस गुना ज्यादा हवा प्रदूषित है। यूपी के कई शहरों की हवा तो सांस लेने लायक नहीं है। आगे की स्लाइड्स में देखें प्रमुख शहरों का हाल
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वायु प्रदूषण के मामले में पूर्वांचल में बलिया, मऊ, आजमगढ़ और बनारस के हवा का हाल सबसे खतरनाक है। शुक्रवार को 100 प्रतिशत उत्तर प्रदेश अभियान के तहत क्लाइमेट एजेंडा ने वायु प्रदूषण के हालात पर प्रादेशिक रिपोर्ट जारी किया है।
दमघोंटू धुएं से परेशान पनकीवासी
यूपी के 15 प्रमुख शहरों की जारी रिपोर्ट में सबसे अधिक प्रदूषण बलिया में है। इसके बाद मऊ और फिर गाजियाबाद है। जारी रिपोर्ट में नोएडा से अधिक प्रदूषित शहर आजमगढ़, कानपुर और वाराणसी हैं। गोरखपुर और लखनऊ भी इससे अछूता नहीं है। यहां मानक से पांच से छह गुना ज्यादा वायु में पार्टिकुलेट मैटर हैं जो कि सेहत के लिए खतरनाक हैं।
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मुख्य अभियानकर्ता एकता शेखर ने बताया कि पूरा प्रदेश काले धुएं के चपेट में है। रिपोर्ट इस बात का खुलासा करती है कि ज्यादातर हिस्सों में स्वास्थ्य आपात काल के हालात हैं। उनका कहना है कि वायु प्रदूषण के कारकों को चिह्नित किया जाना और सख्ती से उससे निपटने के प्रयास करना अब जरूरी हो गया है।
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रवि शेखर ने बताया कि सरकार ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत देश भर के 100 शहरों को चयनित किया है। इसमें यूपी के 15 शहर शामिल हैं लेकिन एयर किल्स की रिपोर्ट बताती हैं कि सिर्फ चुनिंदा शहरों में नहीं बल्कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रदेश भर में काम होना चाहिए।