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चीनी उत्पादों के बहिष्कार के आंदोलन का नहीं है असर, बाजारों में चौतरफा चाइनीज उत्पादों की चमक
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 13 Oct 2017 01:32 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सड़कों से सोशल मीडिया तक चाइनीज सामान के बहिष्कार के आंदोलन और आह्वान का दीपावली के बाजार पर कहीं कोई असर नहीं दिख रहा है। बाजारों में चौतरफा चीनी उत्पादों की चमक छाई हुई है। कई नए चाइनीज उत्पाद भी इस बार बाजार में हैं। पिछले साल चाइनीज उत्पादों के बहिष्कार के आंदोलन और आह्वान के बाद तमाम व्यापारियों ने भी स्वदेशी उत्पादों की बिक्री की बात कही थी मगर ऐसा दिख नहीं रहा। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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अब तक 90 करोड़ रुपये से अधिक का चाइनीज माल बनारस के बाजारों में आ चुका है। सस्ता और खूबसूरत होने के नाते इनकी खरीदारी भी जोरों पर है। गुणवत्ता में बेहतर होने के बावजूद स्वदेशी उत्पाद दुकानों पर भी कम दिख रहे हैं और चाइनीज उत्पादों के आगे उनकी खरीदारी भी जोर नहीं पकड़ पा रही है।
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इस साल दोकलम विवाद के बाद एकबारगी फिर लोगों का गुस्सा फूटा और चाइनीज उत्पादन न बेचने न खरीदने के लिए सड़कों पर आंदोलन हुए तो सोशल मीडिया के धुरंधरों ने भी महीनों तक मुहिम चलाए रखी। इतना सबके बाद भी बाजार की हकीकत हैरान करने वाली है। हर तरफ चाइनीज उत्पादों की चमक बिखरी हुई है।
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रंगबिरंगे झालरों, सजावटी मोमबत्तियों, खिलौनों, गिफ्ट और डेकोरेटिव आइटम्स से लेकर मूर्तियों और घरों की आंतरिक साज-सज्जा से जुड़े सामानों तक चाइनीज उत्पाद पटे पड़े हैं। बनाररस के प्रमुख बाजारों कोदई चौकी, हड़हासराय, बड़ी पियरी, लहुराबीर, चौक, अर्दली बाजार, लंका आदि जगहों पर ये हालात देखे जा सकते हैं।
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व्यापारियों का कहना है कि जो बिक रहा है, वह उसे बेच रहे हैं। आसपास के जिलों से थोक खरीदारी के लिए यहां आने वाले व्यापारी भी चाइनीज की ही मांग कर रहे हैं। रोहित, आशिफ और रेहान आदि विक्रेताओं ने बताया कि बाजार में 90 प्रतिशत से अधिक चाइनीज उत्पाद ही बेचे जा रहे हैं।