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खंडग्रास चंद्रग्रहण तोड़ी काशी की 27 साल पुरानी परंपरा, तीसरी बार हुआ ये काम

Tue, 16 Jul 2019 03:42 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: Sayali Maurya Updated Tue, 16 Jul 2019 03:42 PM IST
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Chandra grahan 2019 : Ganga aarti timing change due to sootak in varanasi
गंगा आरती करते बटुक - फोटो : अमर उजाला

देवों के देव महादेव की नगरी काशी का गंगा से युगों का नाता है। काशी विश्वनाथ के पास ही मां गंगा का होना उनका महत्व और बढ़ा देता है। शायद यही कारण है कि पिछले 27 सालों से हर रोज गंगा मां की आरती करने की एक परंपरा निभाई जाती है। लेकिन मंगलवार को खंडग्रास चंद्रग्रहण लगने से ये परंपरा टूट जाएगी। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...

Chandra grahan 2019 : Ganga aarti timing change due to sootak in varanasi

वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की परंपरा सूतक काल के चलते टूट जाएगी। खंडग्रास चंद्रग्रहण के कारण 16 जुलाई को गंगा आरती का समय शाम के बजाय दिन में तीन बजे रखा गया है। गंगा सेवा निधि की ओर से होने वाली आरती दोपहर तीन बजे से शुरू होकर चार बजे तक होगी। यह जानकारी संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्र ने दी। 

Chandra grahan 2019 : Ganga aarti timing change due to sootak in varanasi

सुशांत मिश्र ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण से पूर्व देवालयों के कपाट बंद होने की परंपरा है। इसको देखते हुए दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती के समय में भी परिवर्तन किया गया है। संकटमोचन मंदिर के गोपाल पांडेय ने बताया कि मंगलवार को लगने वाले चंद्रग्रहण के कारण मंदिर का पट शाम 4:30 बजे की आरती के बाद बंद हो जाएगा। इसके उपरांत बुधवार को सुबह आरती के साथ पट खुलेगा। ग्रहण का स्पर्श रात के 1:31 बजे, मध्य 3 बजे एवं मोक्ष रात्रि 4:30 बजे होगा। सूतक काल नौ घंटे पूर्व का माना गया है। 

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Chandra grahan 2019 : Ganga aarti timing change due to sootak in varanasi
2017 में दिन में हुई थी गंगा आरती की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

सुशांत मिश्र ने बताया कि काशी की विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती इसके पहले भी दो बार सूतक के चलते जल्दी हुई है। सुशांत मिश्र ने बताया कि मां गंगा की आरती सन् 1991 से शुरू हुई थी। गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली गंगा आरती 27 सालों में तीसरी बार दिन में होगी। इसके पहले 27 जुलाई 2018 को ग्रहण के कारण दोपहर में हुई थी। इसी तरह से 2017 में 8 अगस्त को दिन में आरती संपन्न कराई गई थी। तीन वर्षों से ऐसा लगातार ये तीसरी बार होने जा रहा है। 

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Chandra grahan 2019 : Ganga aarti timing change due to sootak in varanasi

बता दें कि आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा मंगलवार 16 और 17 जुलाई 2019 को लगने वाला चंद्रग्रहण भारत में खंडग्रास चंद्रग्रहण के रूप में दिखेगा। चंद्र ग्रहण में ग्रहण से 9 घंटे पहले ही सूतक होता है, जो दिन में 4.30 बजे से ग्रहण समाप्त होने तक रहेगा। इसके चलते संकट मोचन मंदिर, बड़ा गणेश, दुर्गाकुंड सहित अन्य मंदिर 4.30 बजे ही बंद हो जाएंगे। 

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