सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी आए। यहां उन्होंने कोरोना वायरस को रोकने और विकास कार्यो की समीक्षा। साथ ही अधिकारियों संग बैठक की। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इसके बाद मुख्यमंत्री रात में काशी विश्वनाथ के दर्शन किए और कॉरिडोर का जायजा लिया। रात्रि विश्राम के बाद रविवार की सुबह वह हेलिकॉप्टर से गोरखपुर के लिए रवाना हो गए।
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बाबा विश्वनाथ के दरबार में भक्तिभाव से बैठे सीएम योगी
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मुख्यमंत्री का कोरोना काल में वाराणसी का दूसरा दौरा था। इससे पहले वे 26 जुलाई को काशी आए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री काशी विश्वनाथ धाम के विकास कार्यों का जायजा लिया। करीब 34 मिनट तक मंदिर में अपने निरीक्षण के दौरान सीएम ने काशी विश्वनाथ धाम की प्रगति को देखा और गुणवत्तापूर्ण और समय से पूर्ण कराने का निर्देश भी दिया। सीएम जहां से रानी भवानी उत्तरी गेट से प्रवेश करते हुए मंदिर के गर्भगृह तक गए। गर्भगृह के बाहर से ही उन्होंने बाबा को प्रणाम किया और आरती में शामिल हुए और उसके बाद निरीक्षण करने निकल गए।
काल भैरवाष्टकम से पूजन के बाद चढ़ाया सरसों का तेल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार की रात 9: 46 बजे काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे और तीन मिनट तक मंदिर में दर्शन पूजा करने के बाद 9:49 पर मंदिर से बाहर निकले। सीएम ने काल भैरव मंदिर के पुजारी रमेश पांडेय के आचार्यत्व में दर्शन पूजन किया।
कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बीएचयू में और बढ़ेंगी सुविधाएं
योगी आदित्यनाथ ने बीएचयू सहित सरकारी अस्पतालों को पूरी क्षमता से संचालन की कार्ययोजना बनाई। करीब ढाई घंटे की मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री ने कोविड अस्पतालों को प्रशिक्षित करने की रूपरेखा भी बनवाई। बीएचयू कुलपति की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बीएचयू के पास सभी सुविधाएं हैं तो इस महामारी में वे दूसरे अस्पतालों को प्रशिक्षित भी करें।
बीएचयू के केंद्रीय सभागार में शनिवार को आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा के वक्त में सबको एकजुट होकर काम करना है। इसके लिए एक जैसी रणनीति बनाकर सभी अस्पताल मरीजों का इलाज करें ताकि लोगों को राहत मिले। उन्होंने बीएचयू सहित सभी कोविड अस्पतालों को सीसी कैमरों से लैस करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोविड कमांड कंट्रोल रूम से इनकी मॉनिटरिंग की जाए। प्रतिदिन जिला प्रशासन के अधिकारी बीएचयू प्रशासन के साथ बैठक कर समन्वय बनाएंगे। राज्य सरकार की ओर से बीएचयू को करीब 22 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जाएगा।