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बीएचयू की छात्रा नेहा सिंह का वर्ल्ड रिकॉर्ड, ‘मोक्ष के पेड़’ की पेंटिंग बनाकर गिनीज बुक में नाम दर्ज, पहले भी कर चुकी हैं कई कारनामे

Mon, 21 Dec 2020 02:29 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Mon, 21 Dec 2020 02:29 PM IST
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BHU student Neha Singh made painting of Moksha tree based on Bhagavad Gita with mineral colors recorded in Guinness Book of World Records
गिनीज बुक ऑप वर्ल्ड रिकॉर्ड के सर्टिफिकेट के साथ बीएचयू की नेहा सिंह। - फोटो : BHU Twitter

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की छात्रा और बलिया की रहने वाली नेहा सिंह ने ऐसा कमाल कर दिया है, उनका नाम अब गिनीज बुक ऑप वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। नेहा सिंह ने खनिज रंगों से भगवद्गीता पर आधारित ‘मोक्ष का पेड़’ नामक पेंटिंग बनाई है, यह अब तक की खनिजों रंगों से बनाई गई सबसे बड़ी पेंटिंग है। इससे पहले यह रिकॉर्ड आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की श्रेया तातिनेनी के नाम था। देखें अगली स्लाइड्स...।

BHU student Neha Singh made painting of Moksha tree based on Bhagavad Gita with mineral colors recorded in Guinness Book of World Records
नेहा को सम्मानित करते डीएम

नेहा सिंह ने यह उपलब्धि 18 नवंबर 2020 को की थी। उनकी इस मुकाम से जिले के लोग काफी खुश हैं। दिसंबर में सर्टिफिकेट मिलने पर रविवार को नेहा के घर पहुंचे जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने उन्हें बधाई दी और सर्टिफिकेट का विमोचन किया।

BHU student Neha Singh made painting of Moksha tree based on Bhagavad Gita with mineral colors recorded in Guinness Book of World Records
गिनीज बुक ऑप वर्ल्ड रिकॉर्ड के सर्टिफिकेट के साथ बीएचयू की नेहा सिंह। - फोटो : अमर उजाला

बलिया जिले रसड़ा के ग्राम डेहरी की नेहा सिंह बीएचयू के वैदिक विज्ञान केंद्र में अध्ययन कर रही हैं। नेहा गिनीज बुक में रिकार्ड दर्ज कराने के लिए 2019 से तैयारी कर रही थी। लॉकडाउन में घर आने के बाद नेहा ने अप्रैल से घर पर खनिज रंगों से पेंटिंग बनानी शुरू की। इसका आकार  62.72 स्क्वॉयर मीटर है। पेंटिंग जुलाई में गिनीज के नियमों के अनुसार तैयार हो गई। इसके बाद नेहा ने सभी कागजात ऑनलाइन जमा कर दिए थे। हालांकि कोविड-19 के चलते गिनीज से जवाब आने में चार महीने का समय लग गया था।

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BHU student Neha Singh made painting of Moksha tree based on Bhagavad Gita with mineral colors recorded in Guinness Book of World Records
पेंटिंग। - फोटो : BHU Twitter

18 अध्यायों को 18 शाखाओं में दर्शाया
पेंटिंग में भगवद्गीता के 18 अध्यायों को पेड़ की 18 शाखाओं में दर्शाया गया है। वहीं एक-एक शाखाओं में 1 से 18 पत्तों का चित्रण, सबसे ऊपर कमल एवं ॐ से मोक्ष प्राप्ति का चित्रण किया गया है।

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BHU student Neha Singh made painting of Moksha tree based on Bhagavad Gita with mineral colors recorded in Guinness Book of World Records
- फोटो : ANi

बेचनी पड़ी पेंटिंग 
बीएसएफ में कार्यरत बूटन सिंह की बेटी नेहा को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए अपनी पेंटिंग बेचनी पड़ी थी। उसने पिछले सात सालों में तैयार अपनी कई पेंटिंग को मुंबई के एक चित्रकला के व्यापारी को बेच दी। नेहा की बनाई पंचतत्व की पेंटिंग को प्रवासी भारतीय दिवस पर अमेरिका से आए एक अतिथि ने खरीदा था।

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