काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की महिला प्रोफेसर किरन सिंह के आत्महत्या मामले में प्रमोशन न होना भी एक वजह भी सामने आ रही है। आत्महत्या के बाद सोमवार को उनके आवास के बाहर मौजूद लोग इस बात की भी चर्चा करते रहे कि कुछ दिनों पहले ही जब प्रोफेसरों के प्रमोशन की प्रक्रिया चल रही थी तो उनका भी प्रमोशन होना था। किन्हीं कारणों से डॉ. किरन का प्रमोशन नहीं हो पाया और वह एसोसिएट प्रोफेसर पद पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही थीं। विभाग के अनुसार प्रोफेसर न बनने की वजह से भी वह अवसादग्रस्त चल रही थी। इसके अलावा कुछ लोग शारीरिक अस्वस्थता की भी चर्चा करते नजर आए। देखें अगली स्लाइड्स...।
बीएचयू प्रोफेसर आत्महत्या: प्रमोशन न होने की वजह भी आ रही सामने, दो महिला शिक्षक पहले भी उठा चुकी हैं ये कदम
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अपने आवास पर की आत्महत्या
बीएचयू के विज्ञान संस्थान के मालीक्यूलर एंड ह्यूमन जेनेटिक्स डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. किरन सिंह ने सोमवार को परिसर स्थित अपने आवास पर आग लगाकर जान दे दी। आग कितनी भयावह थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि धुएं का निशान छतों पर हैं।
पुलिस के अनुसार स्टोर रूम में रखी कॉपी किताबों को देखने के बाद कागजों को चिता की तरह सजाया हुआ नजर आ रहा था। यहां अधिक मात्रा में कागज होने की वजह से ही आग लगाने के बाद उसकी लपटें भी अधिक दिख रही थी। अब सभी की नजरें पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
भाई ने भी की आत्महत्या
डॉ. किरन सिंह के भाई प्रशांत ने भी पिछले साल जनवरी में आत्महत्या कर ली थी। सिकरौल में रहने वाले प्रशांत ने कचहरी में निर्माणाधीन बिल्डिंग से गिरकर जान दे दी थी। इसके अलावा डॉ. किरन के पिता की भी मौत हो चुकी है। बड़ा भाई अमेरिका में इंजीनियर हैं। इधर बीएचयू में डॉ. किरन के आवास पर इस बात की चर्चा भी रही कि केवल भाई ही नहीं बल्कि पिता ने भी आत्मदाह कर लिया था।
दो महिला शिक्षक पहले भी कर चुकी हैं आत्महत्या
बीएचयू में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. किरन सिंह के आत्महत्या करने से पहले भी दो महिला शिक्षक इसी तरह का कदम उठा चुकी हैं। बीएचयू से ही जुड़े डीएवी कॉलेज में महिला प्रोफेसर ने बीते 2 अप्रैल 2019 को बैजनत्था स्थित एक अपार्टमेंट में पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। इसके पहले जुलाई 2014 में नरिया (गोपाल कुंज) में रहने वाली बीएचयू में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उसके पति भी बीएचयू प्रोफेसर थे।