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बरसात पर भारी पड़ी आस्था, हर-हर, बम-बम से गूंजा बाबा विश्वनाथ का धाम

Tue, 21 Jul 2020 12:39 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 21 Jul 2020 12:39 AM IST
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Baba Vishwanath's shrine reverberated with faith, har har, bomb in the rainy season
सावन का तीसरा सोमवार। - फोटो : अमर उजाला।

सावन के तीसरे सोमवार को बरसात भी शिवभक्तों के कदम नहीं रोक पाई। सैकड़ों भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे। कई कांवरिये भी बोल-बम करते नजर आए। देर रात तक नौ हजार से अधिक भक्तों ने बाबा का जलाभिषेक किया।

Baba Vishwanath's shrine reverberated with faith, har har, bomb in the rainy season
सावन का तीसरा सोमवार। - फोटो : अमर उजाला।

सोमवार सुबह मंगला आरती के बाद बाबा का दरबार भक्तों के लिए खोला गया। पहले की तरह थर्मल स्क्रीनिंग के बाद एक बार में सिर्फ पांच श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया। सुबह नौ बजे तक 1400 से ज्यादा भक्तों हाजिरी लगाई। लिहाजा, दूसरे सोमवार की तुलना में भक्तों की कतार भी ज्यादा लंबी रही। दिन में तीन बजे तक पांच हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। 

संगम से जल लेकर पहुंचे श्रद्धालु 

Baba Vishwanath's shrine reverberated with faith, har har, bomb in the rainy season
सावन का तीसरा सोमवार। - फोटो : अमर उजाला।

प्रयागराज से संगम से जल लेकर 15 साइकिल सवार भक्तों का जत्था रविवार दोपहर बनारस पहुंचा था। दल के लीडर सत्येंद्रनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि 17 सालों से सावन के तीसरे सोमवार को काशी विश्वनाथ का संगम के जल से अभिषेक करते आ रहे हैं। हर साल जत्थे में डेढ़ सौ से अधिक लोग हुआ करते थे, लेकिन इस साल 15 लोग आए। 

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27 सालों में कभी नहीं देखा था सावन में ऐसा सन्नाटा 

Baba Vishwanath's shrine reverberated with faith, har har, bomb in the rainy season
सावन का तीसरा सोमवार। - फोटो : अमर उजाला।
प्रयागराज से आए भक्तों के दल के सबसे उम्रदराज सदस्य 54 वर्षीय विनोद गुप्ता ने बताया कि काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए वह 27 वर्षों से काशी आ रहे हैं, लेकिन काशी में ऐसा सन्नाटा पहले कभी नहीं देखा। साइकिल जत्थे में शामिल होने से पहले वह कभी पहले तो कभी दूसरे सोमवार को काशी आते थे, लेकिन 17 वर्षों से वह भी तीसरे सोमवार को ही काशी आ रहे हैं।
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