आजमगढ़ जिले के सरायमीर के कोलपुर कुसहां गांव में विमान हादसे की सूचना जिसे मिली वो मौके की ओर दौड़ पड़ा। प्रत्यक्षदर्शी ग्राम प्रधान राजाराम यादव व अन्य लोगों ने बताया कि मौसम खराब होने की वजह से विमान ऊपर बवंडर जैसी स्थिति में फंस गया था। यहां से उसकी दिशा बिगड़ गई। इसके बाद घूमते हुए सीधे नीचे आ गिरा।
ग्रामीणों ने बताया कि सुबह बारिश काफी तेज हो रही थी। बिजली भी चमक रही थी। इसी बीच विमान हवा में ही टूटने लगा। उसका मलबा अलग-अलग बिखर रहा था। पूरे विमान का मलबा गांव के हरेंद्र यादव, महेंद्र यादव और राजेंद्र यादव के खेत में गिरा था, जबकि पायलट का शव वहां से तीन सौ मीटर दूर गांव के पास मिला।
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ट्रेनी पायलट कोणार्क शरन, क्रैश हुआ एयरक्राफ्ट।
- फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के अनुसार पायलट ऊपर ही विमान से अलग हो गया था। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो जाने से पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बारिश से खेतों और पगडंडियों पर कीचड़ होने के कारण लोगों को ही नहीं पुलिस को भी वहां पहुंचने में काफी दिक्कत हुई।
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ट्रेनी पायलट कोणार्क शरन, क्रैश हुआ एयरक्राफ्ट।
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एक अन्य के पैराशूट से उतरने की रही अफवाह
हादसे के बाद क्षेत्र में अफवाहें भी खूब उड़ीं। पहले हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की सूचना मिली। ग्रामीणों के बीच यह भी अफवाह फैली थी कि विमान से एक अन्य व्यक्ति पैराशूट के सहारे मंजरीपट्टी गांव के आसपास कहीं उतरा है। उसकी भी तलाश होने लगी। बाद में अमेठी के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से बताया गया कि एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ है और इसे एक ही पायलट सोलो उड़ान पर लेकर गया था।
फ्रांसीसी कंपनी का था विमान
विमान के मलबे पर फ्रांसीसी कंपनी सोकाटा का नाम दर्ज है। यह फ्रांस की एक एविएशन कंपनी है जो व्यावसायिक विमान, छोटे व्यक्तिगत या प्रशिक्षण विमान के साथ ही एयरबस भी बनाती है। टीबी-20 टाइप के इस विमान पर फरवरी 1999 की डेट पड़ी हुई थी।