उत्तर प्रदेश के उन्नाव में प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को जनसभा की। इस दौरान एक ऐसा वाकया हुआ जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने चंदनखेड़ा में हुई जनसभा में मंच पर मौजूद जिलाध्यक्ष के पैर छू लिए। प्रधानमंत्री के ऐसा करने का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर डाला गया वह वायरल हो गया। लोग तेजी से इसे अपने पर्सनल व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पेज पर शेयर करने लगे और शाम तक यह वीडियो पूरे इंटरनेट पर छा गया। आगे जानिए आखिर ऐसा क्या हुआ जो पीएम मोदी ने मंच पर जिलाध्यक्ष के पैर छू लिए, तस्वीरें भी देखें....
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पीएम मोदी की रैली
- फोटो : अमर उजाला
उन्नाव के चंदनखेड़ा में जनसभा के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और जिलाध्यक्ष अवधेश कटियार ने प्रधानमंत्री को राम दरबार का स्मृति चिह्न भेंट किया। इसी दौरान जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री के पैर छू लिए, इस पर प्रधानमंत्री ने उन्हें ऐसा करने से मना किया। कहा कि वह संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता का आदर करते हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री झुके और जिलाध्यक्ष के पैर छू लिए। जिलाध्यक्ष ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पैर छूने से मना किया और फिर खुद झुककर अभिवादन किया।
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पीएम मोदी की रैली में भीड़
- फोटो : अमर उजाला
उन्नाव के असोहा ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत चंदनखेड़ा में रविवार को आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सपा के लिए सरकार का मतलब एटीएम है। इनके लिए सत्ता ऐसी तिजोरी है जिससे पैसे निकालो और अपना घर भरो। जबकि भाजपा के लिए सरकार का मतलब जनता की सेवा करना है। एक जनसभा में पुलिस कर्मियों से किए गए अखिलेश के व्यवहार पर कहा कि इसके जरिये दंगाई, माफिया और अपराधी दोस्तों की हिम्मत बढ़ाने का प्रयास किया।
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पीएम मोदी मंच पर
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये आपसे बदला लेने के लिए बेताब हैं। कुछ समय पहले पंजाब में उत्तर प्रदेश के लोगों पर अभद्र टिप्पणी की गई। लेकिन इन परिवारवादियों ने विरोध में एक शब्द तक नहीं कहा। इसका सीधा अर्थ है कि सपाइयों को प्रदेश के लोगों के मान-सम्मान से कोई लेना देना नहीं है। उन्नाव में एक कहावत कही जाती है, थोथा चना, बाजे घना। यह सपा पर पूरी तरह से फिट बैठती है। दो चरण की वोटिंग देखकर सपाइयों के होश उडे़ हैं। इस कारण डींग हांक रहे हैं। मोदी ने लोगों से पूछा कि खाली बर्तन ज्यादा आवाज करता है न। इसी प्रकार सपाई खुद को चारों खाने चित देखकर उल्टा-सीधा बोल रहे हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
मोदी ने कहा कि आपको याद होगा कि पिता को मंच से धक्के देकर हटाया, अपमानित किया और खुद कुर्सी हथिया ली। इस चुनाव में कुर्सी जाते देखकर उसी पिता से गुहार लगानी पड़ी। जब सीएम उम्मीदवार की सीट ही सुरक्षित नहीं है तो हवा का रुख समझा जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सपा शासनकाल में न खाता न बही, जो माफिया गुंडे कहें वही सही। रास्तों पर मनचले बहन, बेटियों को परेशान करते थे। अपहरण, हत्या व लूट से व्यापारियों का जीवन संकट में रहता था। भाजपा इस अंधेरगर्दी से बाहर निकालकर लाई है। योगी ने कानून व्यवस्था को सुधारा है।