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Unnao Case: जहर से हुई थी बुआ-भतीजी की मौत, पोस्टमार्टम में पुष्टि, ग्रामीणों ने किया शव दफनाने का विरोध
Thu, 18 Feb 2021 08:46 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 18 Feb 2021 08:46 PM IST
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उन्नाव कांड: दफनाए गए बुआ भतीजी के शव
- फोटो : amar ujala
उन्नाव में असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव में दोनों किशोरियों की मौत जहर से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। विसरा सुरक्षित कर फोरेंसिक लैब में जहर की जांच कराई जाएगी। मृतक किशोरियों के शरीर पर एक भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हाथ-पैर बांधे जाने के साक्ष्य न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए हैं और न ही पुलिस की जांच में। दिनभर गांव में नेताओं का तांता लगा रहा।
उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
भीम आर्मी के लोगों ने हंगामा किया। शवों को दफनाने के लिए गड्ढे खोदने के लिए बुलाई गई जेसीबी का रास्ता ग्रामीणों ने रोक दिया। गुरुवार देर शाम तक दोनों किशोरियों का अंतिम संस्कार नहीं किया गया था। अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गांव निवासी काजल (16) अपनी चचेरी बहन रोशनी (14) और भतीजी कोमल (12) के साथ बुधवार दोपहर तीन बजे खेतों से चारा लेने गई थीं।
उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
शाम साढ़े छह बजे तीनों खेतों में बदहवास हालत में पड़ी मिलीं थीं। सीएचसी में डॉक्टरों ने काजल और कोमल को मृत घोषित कर दिया था। रोशनी की सांसे चलते हुए कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने गुरुवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि किशोरियों की मौत जहर से हुई है। किशोरियों के शरीर पर किसी भी तरह की आंतरिक या बाहरी चोट नहीं पाई गई। चूंकि फोरेंसिक रिपोर्ट से जहर के बारे में पता चलेगा इसलिए विसरा सुरक्षित किया गया है। उधर, गांव में पीएसी और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। काजल के पिता सूरज ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
- फोटो : अमर उाजला
आखिर किसने और क्यों खिलाया जहर
ये बात तो साफ हो गई कि जहरीले पदार्थ से दो किशोरियों की मौत हुई और तीसरी की हालत गंभीर है। पुलिस पता कर रही है कि आखिर उन्हें जहरीला पदार्थ किसने और क्यों खिलाया। अभी की जांच में मृतक किशोरी के बहुत ही करीबी पर शक है। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य और वारदात के पीछे उसकी मंशा का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि पुलिस रंजिश के बिंदु पर भी जांच कर रही है।
ये बात तो साफ हो गई कि जहरीले पदार्थ से दो किशोरियों की मौत हुई और तीसरी की हालत गंभीर है। पुलिस पता कर रही है कि आखिर उन्हें जहरीला पदार्थ किसने और क्यों खिलाया। अभी की जांच में मृतक किशोरी के बहुत ही करीबी पर शक है। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य और वारदात के पीछे उसकी मंशा का पता लगाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि पुलिस रंजिश के बिंदु पर भी जांच कर रही है।
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उन्नाव: बुआ-भतीजी की हत्या का मामला
- फोटो : ANI
इसलिए परिजन शक के दायरे में आए
जब किशोरी बदहवास मिली थीं तो सबसे पहले काजल का भाई सूरज उर्फ कल्लू वहां पहुंचा था। उसी ने सभी को सूचना दी थी। पुलिस के मुताबिक कल्लू ने ही कहा था कि तीनों किशोरियों के हाथ-पैर बंधे हुए थे और एक ही दुपट्टे से गले कसे थे। पोस्टमार्टम में कल्लू के इस झूठ का पर्दाफाश हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गला और हाथ पैरे कसे जाने का एक भी निशान नहीं है। अब सवाल है कि कल्लू ने ये झूठी बात क्यों बोली। इसकी जांच जारी है। वो शक के दायरे में भी है।
जब किशोरी बदहवास मिली थीं तो सबसे पहले काजल का भाई सूरज उर्फ कल्लू वहां पहुंचा था। उसी ने सभी को सूचना दी थी। पुलिस के मुताबिक कल्लू ने ही कहा था कि तीनों किशोरियों के हाथ-पैर बंधे हुए थे और एक ही दुपट्टे से गले कसे थे। पोस्टमार्टम में कल्लू के इस झूठ का पर्दाफाश हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गला और हाथ पैरे कसे जाने का एक भी निशान नहीं है। अब सवाल है कि कल्लू ने ये झूठी बात क्यों बोली। इसकी जांच जारी है। वो शक के दायरे में भी है।