सुल्तानपुर के रहने वाले एक लाख के इनामी बदमाश सिराज अहमद को सहारनपुर के गंगोह में एसटीएफ ने रविवार सुबह मुठभेड़ में मार गिराया। उसकी मौत पर सुल्तानपुर के कोतवाली देहात के अलहदादपुर निवासी मो. सलीम और उनके घर वालों ने खुशी जताई। साथ ही मिठाई भी बांटी है। अधिवक्ता के परिजनों की सुरक्षा के लिए उनके घर पर पुलिस तैनात की गई है।
कोतवाली देहात के अलहदादपुर निवासी मो. सलीम के छोटे पुत्र अधिवक्ता आजाद अहमद की सिराज अहमद ने भुलकी चौराहे के पास साथियों के साथ छह अगस्त 2023 को गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड में आजाद के भाई मुन्नौव्वर को भी गोलियां लगी थीं। इसके बाद से पीड़ित परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही थी।
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saharanpur encounter
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रविवार को सिराज अहमद के एनकाउंटर की जानकारी मिलने के बाद अधिवक्ता आजाद अहमद के पिता सलीम ने अपनी पत्नी दुखतरी निशा, बेटे मुन्नौवर को मिठाइयां खिलाकर खुशी जताई। परिवार के लोगों ने कहा कि अब इंसाफ हुआ है। मां दुखतरी निशा ने कहा कि उनके निर्दोष पुत्र की हत्या करने वाला आरोपी अपने अंजाम तक पहुंच गया। पिता सलीम ने एसटीएफ व प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया।
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अलहदादपुर स्थित आवास में मौजूद अधिवक्ता स्व. आजाद अहमद के परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
साथ ही योगी सरकार को भी धन्यवाद दिया। आजाद के पिता ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की मांग की थी। कई बार वे पुलिस के अधिकारियों से मिले। जिले के अधिवक्ताओं का भी आभार जताया। अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि अलहदादपुर में अधिवक्ता के परिजनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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अधिवक्ता आजाद अहमद (फाइल फोटो)
- फोटो : परिजन
छह अगस्त की शाम भुलकी चौराहे पर की थी हत्या
भुलकी चौराहे पर छह अगस्त 2023 की शाम भुलकी गांव में ताबड़तोड़ फायरिंग कर अधिवक्ता आजाद अहमद की हत्या व उसके भाई को घायल कर दिया गया था। इस मामले में सलीम अहमद ने बेटे की हत्या के लिए नामजद एफआईआर लिखाई थी। विवेचना में आठ से अधिक लोग हत्या व साजिश में शामिल मिले, अधिकांश आरोपियों को पुलिस ने जेल भेजा था।
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अलहदादपुर स्थित आवास में पिता मो. सलीम को मिठाई खिलाकर खुशी जताते पुत्र मुनौव्वर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो साल चार महीने से दहशत में था अधिवक्ता का परिवार
अधिवक्ता आजाद अहमद की छह अगस्त 2023 की शाम हत्या की गई। तब से लगातार उनका परिवार दहशत में रह रहा था। सिराज फरार चल रहा था, लेकिन उसके करीबी लगातार अधिवक्ता के पिता को धमकी दे रहे थे। पिता मो. सलीम पर पिछली पांच जुलाई को लोहरामऊ ओवरब्रिज के पास हमला किया गया था। किसी तरह से उनकी जान बची थी।