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कड़वी हकीकत: जिस थाली में जानवर भी न खाएं खाना उसमें बच्चों को परोसा जाता है भोजन, अधिकारी हो गए व्यथित

Wed, 27 Apr 2022 05:38 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 27 Apr 2022 05:38 PM IST
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Bitter reality of school Food is served to children in plate in which even animals do not eat officials became upset
प्राथमिक विद्यालय घसिया बस्ती रौंप में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य - फोटो : अमर उजाला

यूपी के सोनभद्र जिले में सब पढ़ें-सब बढ़ें का नारा देकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभियान चला रहे शिक्षा विभाग की स्थिति देख बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य व्यथित हो उठे। प्राथमिक विद्यालय घसिया बस्ती रौंप में निरीक्षण के दौरान बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति बेहद खराब थी।



आसमान से बरसती आग के बीच अधनंगे बदन और नंगे पांव स्कूल पहुंचे बच्चों की तस्वीर ने उन्हें झकझोर दिया। पोषण पुनर्वास केंद्र व जिला अस्पताल में मिली कई खामियां को अविलंब सुधारने का निर्देश दिया। पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को सौंप जांच शुरू कराने की बात कही।

कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से मुखातिब इं. अशोक कुमार यादव ने बताया कि घसिया बस्ती स्थित प्राथमिक विद्यालय अधिकांश बच्चे अधनंगे हालत में मिले। बच्चों के नाखून, उनका वेश तो खराब मिला ही, 42 डिग्री पारे के बीच पथरीली जमीन पर नंगे पांव थे।

Bitter reality of school Food is served to children in plate in which even animals do not eat officials became upset
प्राथमिक विद्यालय घसिया बस्ती रौंप में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य - फोटो : अमर उजाला

भोजन की भी व्यवस्था काफी खराब मिली। कई बच्चों के पास थाली नहीं थी। जिनके पास थाली थी उसमें गंदगी की परत ऐसी जमी थी, जैसे उसमें इंसान नहीं बल्कि जानवर को भोजन परोसा जाता हो।

Bitter reality of school Food is served to children in plate in which even animals do not eat officials became upset
प्राथमिक विद्यालय घसिया बस्ती रौंप में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य - फोटो : अमर उजाला

बच्चों को ड्रेस, किताबों का भी वितरण नहीं किया गया था। बताया कि बाल कल्याण विभाग 27 अप्रैल को घसिया बस्ती में कैंप लगाएगा। इसमें शिक्षा, चिकित्सा, जिला कार्यक्रम विभाग के साथ ही सभी संबंधितों-विभाग के लोगों की मौजूदगी रहेगी। 

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Bitter reality of school Food is served to children in plate in which even animals do not eat officials became upset
प्राथमिक विद्यालय घसिया बस्ती रौंप में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य - फोटो : अमर उजाला

खामियों को दूर करने के लिए संबंधितों को तीन से चार दिन का मौका दिया गया है। इसके बाद फिर औचक निरीक्षण किया जाएगा। प्रेसवार्ता में सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर, सीएमएस डॉ. क्रांति कुमार, एएसपी विजय शंकर मिश्रा आदि मौजूद रहे।

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प्राथमिक विद्यालय घसिया बस्ती रौंप में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य - फोटो : अमर उजाला

 बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य जिले के प्राथमिक स्कूलों में तैनात कई शिक्षकों को अपनी ड्यूटी के बजाय कहीं और मौजूद रहने और वेतन उनके खाते में पहुंचते रहने की शिकायत पर नाराजगी जताई। कहा कि इस बारे में उन्हें कई जानकारियां मिली हैं। इस पर बीएसए को तत्काल रोक लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि वह इसकी खुद जांच कराएंगे। 

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