उत्तर प्रदेश के शामली में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे किनारे पर काटी जा रही एक कॉलोनी के प्लाॅट की नींव खोदते समय सोने के सिक्के निकालने की सूचना सोशल मीडिया पर जैसे ही वायरल हुई तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। लेखपाल ने उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया। प्लाॅट की खोदाई में सोने व चांदी के सिक्के निकलने के बाद सोमवार को राजस्व विभाग की टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान पास में ही स्थित पौराणिक कुएं का भी निरीक्षण किया गया।
Shamli News: नींव की खोदाई में मिले एक हजार साल पुराने सोने-चांदी के सिक्के, अंकित है मुस्लिम बादशाह का नाम
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर स्थित बिजलीघर के पास प्लाॅटिंग की जा रही है। इसी प्लाॅटिंग में कुछ प्लाॅट एक व्यक्ति के हैं जिनमें एक प्लाॅट में नींव खोदने का काम चल रहा था। बताया गया कि एक सप्ताह पूर्व दो मजदूर नींव खोदने में लगे थे।
सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज के अनुसार नींव में मिली हांडी में सोने-चांदी के सिक्के मिले। जिसे कुछ सिक्के मजदूरों ने आपस में बांट लिए जबकि बाकी सिक्के प्लाॅट स्वामी को दे दिए। इसके बाद प्लाॅट स्वामी ने खोदाई का कार्य बंद कर कर नींव को मिट्टी से ढकवा दिया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उच्चाधिकारियों में हड़कंप मच गया।
नींव की खोदाई के दौरान सोने और चांदी के सिक्के मिलने के बाद विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। सोमवार को राजस्व विभाग से लेखपाल अश्वनी कुमार, अंकुर कुमार और मीनाक्षी देवी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र का निरीक्षण किया।
इस दौरान कुछ दूरी पर स्थित पौराणिक कुएं के भीतर दो आले बने हुए मिले, जिसमें एक आले में संगमरमर के पत्थर पर कुछ लिखा हुआ था। मौके पर पत्थर का फोटो खिंचवा कर उर्दू पढ़ने वाले लोगों से पढ़वाने का प्रयास किया गया, लेकिन लोगों का कहना था कि संभवत यह फारसी भाषा में लिखा है।
इसके बाद मोहल्ला कस्सावान स्थित मस्जिद में रहने वाले मौलाना अब्दुल्ला ने कुएं में लगे पत्थर पर लिखी भाषा को फारसी में बताया। उन्होंने बताया कि इस पर फारसी भाषा में शायरी लिखी है। जिस पर मौलाना फतेह मोहम्मद साहब का नाम लिखा है। 915 साफ-साफ दिख रहा है, लेकिन उससे पहले का शब्द स्पष्ट नहीं है। लेखपाल अश्वनी कुमार ने बताया कि फिलहाल मौके के फोटो खींचे गए हैं। जो अधिकारियों को भेजे जा रहे हैं। आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार की जाएगी।
सिक्कों पर छापा आमिर मुस्लिम बादशाह का नाम
सिक्कों के फोटो वायरल होने पर लोगों द्वारा गूगल स्कैनर के माध्यम से सिक्के को जूम कर जब इसकी डिटेल निकाली गई, तो मालूम पड़ता है कि यह सिक्के लगभग 1000 साल से भी ज्यादा पुराने हैं। सिक्के यूसुफ बिन तश्फीन नाम के अरब बादशाह के समय के हैं। जिसे अमीर उल मुसलमीन के नाम से भी जाना जाता था।
अल्मोराविद राजवंश मोरक्को में केंद्रित एक शाही बर्बर मुस्लिम राजवंश था। इन्होंने 11 वीं शताब्दी में एक साम्राज्य की स्थापना की। जो पश्चिमी मगरेब और अल-अंडलस तक फैला हुआ था। अब्दल्लाह इब्न यासीन द्वारा स्थापित, अल्मोराविद राजधानी मराकेश शहर था, जो 1062 में स्थापित एक सत्तारूढ़ घर था। राजवंश सहारा के नामांकित बर्बर जनजातियों, लमातुना और गुडाला, द्ररा, नाइजर के बीच के क्षेत्र को पार करते हुए, सेनेगल नदियों तक थे।