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रामपुर सिलईबड़ा बवाल: सात घंटे तक बेटे का शव गोद में लिए बैठी रही मां, हंगामे व विरोध के बीच अंतिम संस्कार

Thu, 29 Feb 2024 11:28 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 29 Feb 2024 11:28 AM IST
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Rampur Silaibara: Mother sat with son dead body in her lap for seven hours, last rites performed amid uproar
छात्र की मौत के गमजदा परिजन - फोटो : Rampur Silaibara

रामपुर के सिलईबड़ा गांव में ग्राम समाज की जमीन पर डाॅ. भीमराव आंबेडकर का बोर्ड लगने को लेकर दो पक्षों में हुए विवाद के बाद मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे गोली लगने से कक्षा 10 के छात्र सुमेश (17) की मौत हो गई थी। घटना के बाद सुमेश की मां नन्ही देवी बेटे का शव गोद में लेकर रात साढ़े 12 बजे तक बैठी रहीं। तमाम ग्रामीण भी हंगामा करते रहे। कमिश्नर और डीआईजी के पहुंचने पर परिजनों ने सात घंटे बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने दिया। वहीं बुधवार को ग्रामीणों के भारी विरोध और हंगामे के बीच करीब 21 घंटे बाद दोपहर दो बजे अंतिम संस्कार हुआ।

 

Rampur Silaibara: Mother sat with son dead body in her lap for seven hours, last rites performed amid uproar
रामपुर के सिलईबड़ा में बवाल के बाद तैनात पुलिस - फोटो : संवाद

मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे दो पक्षों के झगड़े में परीक्षा देकर लौटे 10वीं के छात्र सुमेश की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण शव को लेकर घटनास्थल पर ही बैठ गए। परिजनों का आरोप था कि पुलिस की गोली से छात्र की मौत हुई है। कमिश्नर आंजेन्य कुमार सिंह, डीआईजी मुनिराज जी, जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह व एसपी राजेश द्विवेदी सहित तमाम अधिकारी देर रात तक परिजनों को समझाते रहे। घटना के बाद करीब सात घंटे बीतने के बाद रात करीब साढ़े 12 बजे आरोपियों पर कार्रवाई होने के आश्वासन पर परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया।

 

Rampur Silaibara: Mother sat with son dead body in her lap for seven hours, last rites performed amid uproar
रामपुर के सिलईबड़ा में बवाल के बाद तैनात पुलिस - फोटो : संवाद

बुधवार सुबह आठ बजे शव पोस्टमार्टम के बाद सिलईबड़ा गांव पहुंचा तो परिजन एफआईआर में नामजद आरोपियों को लेकर संतुष्ट नहीं दिखे। एसडीएम और तहसीलदार के नाम एफआईआर में शामिल न करने पर ढाई घंटे तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। पीड़ित परिजनों आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और एफआईआर में एसडीएम मिलक और तहसीलदार मिलक के नाम एफआईआर में शामिल करने की मांग करते रहे। ढाई घंटे बीतने के बाद परिजनों को कार्रवाई के आश्वासन के बाद शव को घर ले जाया गया। 

 

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Rampur Silaibara: Mother sat with son dead body in her lap for seven hours, last rites performed amid uproar
रामपुर के सिलईबड़ा में बवाल के बाद तैनात पुलिस - फोटो : संवाद

श्मशान ले जाने के दौरान शव को सड़क पर रखकर हंगामा किया तो पुलिस ने लाठी फटकारी। इसके बाद श्मशान घाट पर भी हंगामा होने लगा तो फिर पुलिस ने बल प्रयोग कर हंगामा करने वालों को भगाया। घटना के करीब 21 घंटे बाद दोपहर लगभग दो बजे अंतिम संस्कार किया गया। पिता गेंदनलाल ने बेटे को मुखाग्नि दी। इस दौरान कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी तैनात रही। पुलिस और जिला प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों ने नारेबाजी भी की।

 

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Rampur Silaibara: Mother sat with son dead body in her lap for seven hours, last rites performed amid uproar
रामपुर के सिलईबड़ा में प्रदर्शन करते भीम आर्मी के कार्यकर्ता - फोटो : संवाद

दलित समाज के घरों में नहीं जले चूल्हे

मंगलवार को छात्र सुमेश की मौत के बाद गांव स्थित पूरे दलित समाज में भारी आक्रोश रहा। सभी लोग एकत्र होकर ग्राम समाज की भूमि पर स्थित डॉक्टर बाबा भीमराव आंबेडकर बोर्ड के निकट बैठे रहे। इस दौरान किसी के घर भी चूल्हा नहीं जला। सभी महिलाओं एवं पुरुषों का दिन रोते बिलखते गुजरा। पूरे दिन पुलिस प्रशासन के ऊपर दोष लगाते हुए मृतक को न्याय दिलाने की गुहार लगाते रहे। दोपहर बाद जब मृतक की अंत्येष्टि कर दी गई उसके बाद राजनीतिक लोगों का पीड़ित के घर पहुंच कर परिजनों को सांत्वना देने का तांता लगा रहा।

 

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