जिले में एक बार फिर धरती के भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक की करतूत से मानवता शर्मसार हुई। शहर के चारू नर्सिंगहोम में रुपये न देने पर प्रसव पीड़िता को आपरेशन थियेटर से बाहर निकाल दिया गया। दर्द से महिला तड़पती रही, लेकिन चिकित्सक का दिल नहीं पसीजा।
Pratapgarh: रुपये न देने पर प्रसव पीड़िता को आपरेशन थियेटर से निकाला, सड़क पर तड़पती रही महिला, बच्चे की मौत
इसलिए बलीपुर में स्थित चारू नर्सिंगहोम में परिजन उसे लेकर चले गए। परिजनों के अनुसार नर्सिंगहोम में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी उसे आपरेशन थियेटर के अंदर ले गए। उनसे सात सौ रुपये जमा कराए। बाद में और रुपये की मांग की गई।
इस पर घरवालों ने उपचार जारी रखने और घर से रुपये लाकर देने की बात कही। आरोप है कि करीब आधे घंटे तक ओटी में रखने के बाद प्रसव पीड़िता को स्ट्रेचर समेत बाहर निकाल दिया गया। असहनीय पीड़ा से महिला सड़क पर तड़पती रही।
सड़क पर महिलाओं के चीखने-चिल्लाने का भी कोई असर अस्पताल संचालक पर नहीं पड़ा। इस बीच उधर से गुजर रहे सीओ सिटी अभय पांडेय महिलाओं को सड़क पर रोते देख रुक गए। थोड़ी देर में सीएमओ डा. अरविंद श्रीवास्तव भी पहुंच गए। वह भी अस्पताल संचालक से बात करने में असमर्थ नजर आए।
पुलिसकर्मियों ने इस बीच एक प्राइवेट अस्पताल संचालक की एंबुलेंस में पीड़िता को बैठाकर दहिलामऊ भेजा। वहां उसके बच्चे की मौत हो गई। जच्चा की हालत गंभीर बनी है। इस मामले में उमेश की तहरीर पर पुलिस ने चारू नर्सिंगहोम के संचालक डा. अतुल श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर, चारू नर्सिंगहोम के संचालक सफाई देते रहे कि उनके पास गर्भवती महिला को लेकर कोई नहीं आया था। गेट से ही सभी को लौटा दिया गया। नगर कोतवाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आगे की कार्रवाई भी होगी।