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Pratapgarh duble murder Case: भरी पंचायत में पिता-पुत्र का कत्ल, दो घंटे नहीं पहुंची पुलिस

Sun, 16 Aug 2020 08:07 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 16 Aug 2020 08:07 PM IST
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Pratapgarh duble murder case: father-son massacre in Bhari Panchayat, police did not arrive for two hours
pratapgarh news - फोटो : प्रतापगढ़

रानीगंज इलाके के शेेखूपुर गांव में पिता-पुत्र की लाठी-डंडे से पीट-पीटकर हुई हत्या की घटना में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। इतना बड़ा बवाल होने के बाद भी रानीगंज पुलिस पूरी तरह घटना से अनभिज्ञ रही। न कोतवाल का कहीं पता था न सीओ रानीगंज का। दोनों पक्षों के वकीलों और पचास से भी अधिक लोगों की मौजूदगी में जमीन विवाद के निपटारे को लेकर चल रही पंचायत के दौरान कत्लेआम मच गया।



बमबाजी की गई। तोड़फोड़ होती रही। महिलाओं ने जान बचाने के लिए घर का दरवाजा बंद कर लिया। डायल 112, एसपी के साथ एंबुलेंस को फोन लगाती रहीं, लेकिन दो घंटे तक पुलिस नहीं आई। मारपीट थमने के बाद 35 किमी का सफर तय कर घायल जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया गया। 

Pratapgarh duble murder case: father-son massacre in Bhari Panchayat, police did not arrive for two hours
pratapgarh news - फोटो : प्रतापगढ़

शेखूपुर में पंचायत के दौरान हुए बवाल के बाद दयाशंकर के घर की महिलाएं जान बचाने के लिए भीतर घुस गईं। दयाशंकर की बहू का आरोप है कि घर से वह मदद मांगने के लिए पुलिस अधीक्षक को फोन मिलाती रही। फोन रिसीव करने के बाद भी कोई सही जवाब नहीं मिला। यही हाल डायल 112 का भी रहा। एंबुलेंस बुलाने के लिए फोन करती रही, लेकिन वहां से भी मदद नहीं मिली। जिससे मारपीट में आईं चोटों से खून अधिक बह गया।

Pratapgarh duble murder case: father-son massacre in Bhari Panchayat, police did not arrive for two hours
pratapgarh news - फोटो : प्रतापगढ़

परिजनों का पुलिस के ऊपर गुस्सा होना भी लाजिमी है। जिला अस्पताल में दयाशंकर व उसके बेटे की मौत होने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी मीडियाकर्मियों से हो सकी। दो घंटे तक रानीगंज पुलिस पूरी तरह से अनभिज्ञ रही। न तो गांव के चौकीदार ने सूचना दी और न ही पुलिसमित्रों ने। रानीगंज एसओ के साथ सीओ भी सोते रहे। दो घंटे बाद पहुंची रानीगंज पुलिस केवल लकीर पीटती रही। दस किमी का सफर तय करने में रानीगंज पुलिस को दो घंटे का समय लग गया। जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

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Pratapgarh duble murder case: father-son massacre in Bhari Panchayat, police did not arrive for two hours
pratapgarh news - फोटो : प्रतापगढ़

चालीस साल से ठनी थी आठ बीघे जमीन की रार

रानीगंज के शेखूपुर में दो परिवारों के बीच 40 साल से आठ बीघे जमीन को लेकर रार छिड़ी थी। विवाद व न्यायालय में मुकदमा विचाराधीन होने के कारण कच्चे मकान में ही दोनों परिवारों को गुजर-बसर करना पड़ रहा था। सुलह समझौते की तमाम कोशिशें हुईं, लेकिन नाकाम रहीं। आखिरकार इतने दिनों से छिड़ी रार में पिता-पुत्र की जान चली गई।

शेखूपुर निवासी दयाशंकर मिश्र व चंद्रमणि मिश्र के बीच आठ बीघे आबादी की जमीन को लेकर करीब 40 साल से मुकदमा चल रहा है। दोनों पक्ष विवादित जमीन को अपना बता रहे थे। दयाशंकर के चार बेटे किसानी के साथ काम-काज कर परिवार की गृहस्थी संभाले हुए हैं। चंद्रमणि मिश्र के भी परिवार के सदस्य मजबूत हैं। आबादी की जमीन को लेकर छिड़ी जंग के चलते दोनों पक्ष अभी तक अपना पक्का मकान नहीं बनवा सके थे। यदि कोई पहल भी करता तो दूसरा अड़ंगा लगा देता था।

पक्के मकान की छत की नीचे सोने का सपना दयाशंकर व उनके बेटे आंनद ने देखा था, लेकिन पूरा नहीं हो सका। चार दशक से छिड़ी जंग को लेकर रविवार को पिता-पुत्र की जान चली गई। दयाशंकर के परिवार के रामलखन का कहना है कि विवाद सुलझाने के लिए कई बार प्रयास किया गया, लेकिन हर बार जमीन के कुछ हिस्सों को लेकर पेच फंस जाता।  दयाशंकर की एक आंख खराब थी। फिलहाल पिता-पुत्र की हत्या के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार की महिलाओं के करुण क्रंदन से सन्नाटा टूट रहा था।

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Pratapgarh duble murder case: father-son massacre in Bhari Panchayat, police did not arrive for two hours
pratapgarh news - फोटो : प्रतापगढ़

तीन माह पहले मारपीट के बाद एसपी से मांगी थी मदद

पुलिस अफसरों के साथ ही रानीगंज पुलिस की लापरवाही ने पिता-पुत्र की जान ले ली। तीन माह पहले दर्ज मुकदमे में आरोपी पक्ष के खिलाफ पुलिस ने सख्त कदम नहीं उठाया। यहां तक कि तीन माह तक मुकदमे में चार्जशीट भी नहीं लगा सकी। आरोप है कि शनिवार को भी मृतक दयाशंकर के बेटे को आरोपियों ने जबरन खींचकर गाड़ी में बैठा लिया था। जिसकी शिकायत थाने पर हुई थी, लेकिन पुलिस खामोश रही। 

रानीगंज के शेखूपुर निवासी दयाशंकर मिश्र व चंद्रमणि मिश्र के बीच जमीन को लेकर अदावत चल रही थी। मृतक दयाशंकर के बेटे आशुतोष मिश्र का आरोप है कि उसके छोटे भाई अवधेश को शनिवार की शाम घर से कुछ दूरी पर विरोधी पक्ष के लोग लोग जबरन साइकिल से खींचकर चार पहिया गाड़ी पर बैठा लिए थे। जिसकी शिकायत थाने पर की गई थी। इसके बाद भी पुलिस खामोश रही। तीन माह पहले 16 जून को भी चंद्रमणि मिश्र के परिवार के लोगों ने घर में घुसकर उसके परिजनों पर हमला बोला था।

थाने पर मुकदमा दर्ज नहीं हो रहा था। काफी प्रयास के बाद मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि आरोप पत्र भी न्यायालय नहीं भेजा जा सका। पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह को फोनकर प्रकरण को गंभीरता से लेकर कार्रवाई की गुहार भी लगाई गई थी, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपियों ने साजिश के तहत पंचायत बुलाई और फिर हमला कर दिया। यदि पुलिस द्वारा शनिवार को ही सख्त कदम उठाया गया होता तो यह नौबत न आती।

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