फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

प्रतापगढ़ : चीत्कार-आंसुओं के सैलाब के बीच दंपती समेत बेटे- बेटी की एक साथ उठी अर्थी, दो भाइयों ने दी मुखाग्नि

Sun, 28 May 2023 06:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 28 May 2023 06:16 PM IST
सार

चारों शवों के अंतिम संस्कार के लिए तैयार की गई एक ही चिता को दो भाइयों ने एक साथ मुखाग्रि दी तो वहां मौजूद हर सख्श फफक पड़ा। दर्दनाक घटना से स्तब्ध परिवार की महिलाएं व रिश्तेदार रो-रोकर बेहोश हो जा रहे थे। चिता की राख ठंडी होने के साथ ही चारों पंचतत्व में विलीन हो गए।

विज्ञापन
Pratapgarh Amidst the flood of screams and tears, the funeral pyre of the son and daughter along with the cou
चारों शवों का एक ही चिता पर किया गया अंतिम संस्कार। - फोटो : अमर उजाला।

परिजनों की चीत्कार से मचे कोहराम और आंसुओं के सैलाब के बीच हादसे में जान गंवाने वाले दंपती समेत बेटे व बेटी की एक साथ अर्थी उठते ही लोगों की आंखों से आंसू बहने लगा। चारों शवों के अंतिम संस्कार के लिए तैयार की गई एक ही चिता को दो भाइयों ने एक साथ मुखाग्रि दी तो वहां मौजूद हर सख्श फफक पड़ा। दर्दनाक घटना से स्तब्ध परिवार की महिलाएं व रिश्तेदार रो-रोकर बेहोश हो जा रहे थे। चिता की राख ठंडी होने के साथ ही चारों पंचतत्व में विलीन हो गए।

 

उदयपुर थाना क्षेत्र के महाबल का पुरवा दर्रा निवासी मनोज सिंह शनिवार को पत्नी सीमा, बेटी सपना व बेटे शिवम के साथ ससुराल जामताली जा रहे थे। लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर नगर कोतवाली के पृथ्वीगंज बाजार के समीप रानीगंज की ओर से आ रही बेकाबू कार की चपेट में आने से चारों की दर्दनाक मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद चारों शव देर शाम घर पहुंचा तो पूरे गांव में कोहराम मच गया।

परिजन व रिश्तेदारों की इंतजार में रविवार को अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया गया। रविवार को दोपहर मनोज का भाई रमेश व नीरज कर्नाटका से व चंडीगढ़ से बहन अर्चना के साथ अन्य रिश्तेदार घर पहुंचे। अंतिम संस्कार के लिए गांव के खेत में एक बड़ी चिता तैयार की गई। अपराह्न दो बजे के बाद जब अंतिम संस्कार के लिए दंपती समेत चारों अर्थी उठी तो परिजन व रिश्तेदार दहाड़ें मारकर रोने लगे।

Pratapgarh Amidst the flood of screams and tears, the funeral pyre of the son and daughter along with the cou
एक ही चिता पर हुआ दंपती और उनके दो बच्चों का अंतिम संस्कार। - फोटो : अमर उजाला।

भयंकर चीत्कार, कोहराम व आंसुओं के सैलाब के बीच दंपती व बेटे, बेटी की अर्थी तैयार की गई चिता पर रखी गई। बड़े भाई रमेश सिंह ने मनोज व भतीजे शिवम और छोटे भाई प्रमोद सिंह ने सीमा व सपना को एक ही चिता पर मुखाग्रि दी। यह दृष्य देख अंत्येष्ठि स्थल पर मौजूद हर किसी की आंखों से आंसू छलक उठे। घटना से स्तब्ध मनोज के पिता लल्लन सिंह तो जैसे बेसुध हो गए थे।

मां शकुंताला रोते-रोते बेहाश जा रही थी, होश में आती दहाड़ें मारकर रोती और फिर अपने होश खो देती। अंतिम संस्कार के दौरान उदयपुर एसओ निकेत भारद्वाज भी फोर्स के साथ सहयोग में डटे रहे। परिवार के लोग रह-रहकर दहाड़ें मार कर रोने लगते तो ग्रामीण ढांढस बंधाने लगते। चिता की आग ठंडी ठंडी होने के साथ ही दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले चारों लोग हमेशा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गए।

Pratapgarh Amidst the flood of screams and tears, the funeral pyre of the son and daughter along with the cou
दंपती और बच्चों की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

महाबल का पुरवा के कई घरों में नहीं जले चूल्हे

दर्दनाक हादसे में दो मासूम समेत दंपती की मौत के बाद शनिवार की शाम सभी का शव घर पहुंचा तो पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। मृतकों के परिजनों के लिए गांव वालों ने खाना बनाया, लेकिन किसी के मुंह में एक निवाला तक नहीं गया। यही नहीं आसपास के कई घरों में भी चूल्हा नहीं जल सका। गांव में माहौल इतना गमगीन था कि कई लोगों ने अंतिम संस्कार होने तक खाना तक नहीं खाया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Pratapgarh Amidst the flood of screams and tears, the funeral pyre of the son and daughter along with the cou
एक साथ चार अर्थियां उठने से माहौल हुआ गमगीन। - फोटो : अमर उजाला।

बेहोश हो गई मायके से पहुंची सीमा की मां

हादसे के समय मनोज पत्नी सीमा को मायके लेकर जा रहा था। सीमा की मां सरस्वती सिंह को बेटी सीमा समेत दामाद व दो बच्चों के मौत की सूचना मिली तो उसके ऊपर दुखों को पहाड़ टूट पड़ा। अंतिम संस्कार से पहले सीमा के मायके पक्ष के लोग भी महाबल का पुरवा पहुंचे। यहां पहुंचते ही मंजर देख सीमा की मां सरस्वती व मौसी बेहोश हो गई। ग्रामीणों व परिजनों ने दोनों को उठाकर ले पेड़ के नीचे ले गए और पानी छिड़क होश में वापस लाया।

विज्ञापन
Pratapgarh Amidst the flood of screams and tears, the funeral pyre of the son and daughter along with the cou
दंपती और बच्चों की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला।

खत्म हो गया पूरा परिवार, चूर-चूर हो गए सपने

महाबल का पुरवा के मनोज सिंह सूरत में सब्जी बेचता था। पांच मई को भाई प्रमोद की शादी शामिल होने वह पत्नी व दोनों बच्चों के साथ घर आया था। ग्रामीणों ने बताया कि मनोज व पत्नी सीमा ने अपने व दोनों बच्चों के पालन पोषण व पढ़ाई लिखाई समेत हजारों सपने देखे थे। लेकिन हादसे में मनोज का पूरा परिवार खत्म हो गया और सभी सपने चूर-चूर हो गया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed