बारिश और बैराज से रिलीज पानी से उफनाई पीलीभीत जिले की नदियों का कहर जारी है। सदर, बीसलपुर, कलीनगर, अमरिया और पूरनपुर तहसील क्षेत्र के 30 से अधिक गांव जलभराव की चपेट में हैं। हालांकि गांवों में भरा पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन मुश्किलें अभी बरकरार हैं। शहर से गुजरे टनकपुर हाईवे, पीलीभीत-बीसलपुर और बीसलपुर-बरेली मार्ग पर दो फुट तक पानी बह रहा है। बरखेड़ा क्षेत्र में कुछ कच्चे मकान भी गिरे हैं। बृहस्पतिवार सुबह बीसलपुर के कुछ मोहल्लों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है।
मंगलवार से भले ही जिले में बारिश थमी है, लेकिन मुश्किलें अभी कम नहीं हुईं। शहर में सरकारी कार्यालयों और कुछ मोहल्लों में जलभराव बना हुआ है। कई गांव अभी शारदा की चपेट में है। बुधवार को पीलीभीत–टनकपुर हाईवे पर कचहरी से पूरे दिन पानी तेज गति से सड़क पर बहता रहा। कई बाइक चालकों की बाइक बीच पानी में रुक गई। सबसे अधिक समस्या कलक्ट्रेट और अफसर कॉलोनी मार्ग से गुजरे बाइक सवारों को हुई। बाइक सवार जोखिम के बीच आवागमन करते दिखे।
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शहर में सड़क पर बाढ़ का पानी
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राहगीरों की सुरक्षा के लिए पुलिस और यातायात पुलिस की ड्यूटी लगाई गई। पुलिस चौकी भी जलमग्न है। बनकटी मार्ग पर भी लोग पानी से होकर गुजरते दिखे। वहीं गोदावरी स्टेट कालोनी में पानी भरा हुआ है। जल निगम के कार्यालय परिसर में भरे पानी को पंपिंग सेट लगाकर निकाला गया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर पूरी तरह जलमग्न है। ऑफिसर्स कालोनी में करीब चार फुट पानी भरा है। अफसर, आवासों को छोड़कर होटलों में रह रहे हैं।
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ट्रैक्टर पर सवार होकर पुलिस लाइन पहुंचे एसपी
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ट्रैक्टर से पुलिस लाइन पहुंचे एसपी, परिसर का किया निरीक्षण
जलभराव के बीच पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव बुधवार को ट्रैक्टर से पुलिस लाइन पहुंचे। परिसर में जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर आरटीसी बैरक, जी+8 टावर, मैस, पुलिस अस्पताल परिसर, बैडमिंटन कोर्ट और पुलिस कार्यालयों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और जलभराव की समस्या के समाधान के लिए तुरंत कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
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बीसलपुर पीलीभीत मार्ग पर बाढ़ का पानी
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पीलीभीत-बीसलपुर व बरेली मार्ग पानी का तेज बहाव
पीलीभीत-बीसलपुर और बीसलपुर-बरेली मार्ग पर बाढ़ का पानी पहुंचने से आवागमन बाधित हो गया है। रोडवेज बसें इन दोनों मार्गों के यात्रियों का सहारा बनीं हुई हैं। बाढ़ के पानी से गुजरने में सबसे अधिक दिक्कत बाइक चालकों को हुई। सुरक्षा के लिहाज से दोनों जगहों पर पुलिस तैनात की गई है।
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गांव चिनोरा मुस्तकिल में खपरैल गिरी
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चिनोरा मुस्तकिल में गिरे कच्चे घर, गाजीपुर कुंडा गांव बना टापू
बारिश से बरखेड़ा क्षेत्र के गांव चिनोरा मुस्तकिल में दो ग्रामीणों के खपरैल पोश मकान गिर गए। पंचायत सहायक सत्यप्रकाश ने फोन पर बताया कि गांव में गोकरनलाल व वीरपाल के खपरैलनुमा मकान बाढ़ के पानी घुसने से गिर गए हैं। देवहा नदी, अमेड़ी नदी होने के चलते क्षेत्र में फसलों का नुकसान भी अधिक हुआ है। इससे किसान परेशान है। गांव गाजीपुर कुंडा को देवहा नदी ने चारों ओर से घेर लिया है। रामनगर गांव में बरसाती पानी का निकास न होने में कारण उच्च प्राथमिक विद्यालय सहित पूरे गांव में जलभराव हो गया हैं। इसके अलावा बरखेड़ा कस्बे के निचले इलाकों में पानी घुसने से लोग छतों पर रहने को मजबूर है।