यूपी के कई इलाके शहर हो या गांव हर ओर बारिश और बाढ़ का पानी भरा है। रास्ते जलमग्न और खेतों में फसलें बर्बाद होने लगी हैं। लोग घरों और छतों पर फंसे हैं। मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। देवहा नदी उफनाने से मंगलवार सुबह तड़के से शहर और उससे सटे निचले इलाकों के हालात बिगड़ गए। टनकपुर हाईवे से लेकर निचले इलाके की कई कॉलोनी और अन्य इलाकों में दो से तीन फुट पानी भर गया है। शारदा और सहायक नदी जगबूड़ा कई गांवों में कहर बरपा रही है। पूरनपुर, कलीनगर, अमरिया, बरखेड़ा, बिलसंडा, मझोला आदि सभी इलाके प्रभावित हैं।
बिगड़ते हालात को देख एसपी अभिषेक यादव, एडीएम ऋतु पूनिया और अन्य अफसर सड़कों पर उतरे और टीमों को अलर्ट किया। मोहल्ला बेनी चौधरी में फंसे लोगों को प्रशासन ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला।
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गांव में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
मैदानी इलाकों में उफनाईं नदियां
मैदानी क्षेत्र के अलावा पहाड़ों पर पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के बाद जिले से गुजरने वाली नदियां उफना गई हैं। वनबसा बैराज से शारदा नदी में मंगलवार शाम तक 1.88 लाख क्यूसेक पानी पास किया गया। इससे कलीनगर और पूरनपुर क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए। आबादी क्षेत्र में पानी घुस गया। वहीं सोमवार रात ड्यूनी डैम से देवहा में 55 हजार क्यूसेक पानी पास होने से नदी उफना गई। मंगलवार सुबह पानी का असर देखने को मिला। शहर के सिविल लाइन चौकी के पास टनकपुर हाईवे पर दो-तीन फुट तक पानी चला। इससे पीटीआर के आवासीय क्षेत्र, आफिसर्स कॉलोनी, कलक्ट्रेट मार्ग, जेल रोड पूरी तरह जलमग्न रहा।
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भारी परेशानी में गुजर रहे लोग
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पुलिस-प्रशासन अलर्ट
इसके अलावा पीलीभीत के बेनी चौधरी, चंदोई मार्ग, नावकूड क्षेत्र में भी दो-तीन फुट पानी भर गया। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि पुलिस-प्रशासन की टीम अलर्ट रहीं। एसपी ने चंदोई मार्ग, बह्मचारी घाट, मोहल्ला बेनी चौधरी पहुंचकर स्थिति को परखा और टीमों को जरूरी निर्देश दिए। हालांकि मंगलवार शाम तक देवहा का जलस्तर 47,625 क्यूसेक तक पहुंच गया।
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उफान पर नदी
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टापू बने बेनीचौधरी और नावकूड़ के कई घर
देवहा और खकरा नदी का जलस्तर बढ़ने से सबसे अधिक असर शहर के मोहल्ला बेनीचौधरी व शहर से सटे नावकूड़, चंदोई गांव में देखा गया। बेनीचौधरी में देवहा नदी के किनारे बसे करीब 20 घर टापू बन गए। कुछ परिवारों को पुलिस-प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं कुछ लोगों ने घर की छतों पर शरण ली। नावकूड़ इलाके में भी करीब 50 घर पानी भरने से टापू बन गए। लोगों ने जरूरी सामान के साथ छतों की शरण ली।
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गांवों में चले नाव
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मार्गों पर जलभराव देख बंद कराया दो पहिया वाहनों का आवागमन
टनकपुर मार्ग पर पानी का तेज बहाव देख पुलिस अलर्ट हुई। दो पहिया वाहनों का आवागमन बंद कराया गया। इसके अलावा चंदोई भिकारीपुर और नावकूड मार्ग पर भी आवागमन बंद किया गया। पुलिस की टीमें यहां मौजूद रहीं। परेशानी के बीच लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से बाइक व अन्य दो पहिया वाहनों को पार कराने की कवायद शुरू की। शहर के ईदगाह मार्ग पर भी जलभराव होने से आवागमन बंद रहा।