मुजफ्फरनगर के गांव बस्सी में हादसे का शिकार हुए मृतक और घायल श्री गुरु रविदास के धार्मिक स्थल चरण छोह गंगा के लिए पैदल जा रहे थे। इस दौरान रास्ते में हादसा बनकर मौत झपट पड़ी। हादसे की सूचना खेड़ा मस्तान और काकड़ा पहुंची तो शोक की लहर दौड़ गई।
बताया गया कि रोजी रोटी के लिए इन गांवों के सैकड़ों लोग ईंट भट्टों पर मजदूरी करने पंजाब गए हुए हैं। अपनों का कुशलक्षेम जानने के लिए ग्रामीण होशियारपुर के लिए रवाना हो गए।
2 of 5
एक साथ जलीं चार चिताएं।
- फोटो : अमर उजाला
हादसा श्री गुरु रविदास जी की तपोस्थली श्री खुरालगढ़ साहिब और श्री गुरु रविदास जी के धार्मिक स्थल चरण छोह गंगा के बीच स्थित गांव बस्सी में हुआ। हादसे में खेड़ा मस्तान गांव के एक ही परिवार के चार लोगों और काकड़ा गांव की एक किशोरी की मौत हुई है। ये और घायल आपस में रिश्तेदार हैं।
3 of 5
गम में पूरा गांव।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, गुरुवार को हादसे की जानकारी दोनों गांव में पहुंची तो गम का माहौल बन गया।
4 of 5
एक साथ जलतीं चार चिताएं।
- फोटो : अमर उजाला
गांव काकड़ा निवासी किशोरी लाल बताते हैं कि उनके गांव से सैकड़ों लोग पंजाब में भट्टे पर मजदूरी करने के लिए पिछले साल 22 अक्तूबर को गए थे।
5 of 5
एक साथ जलतीं चार चिताएं।
- फोटो : अमर उजाला
इनमें काकड़ा निवासी शीशपाल अपनी पत्नी कुसुम, बेटे मांगा व बेटी रामो उर्फ उन्नति (14) और शीशपाल का साला खेडा मस्तान फुगाना निवासी सुदेश व उसी गांव के राम कुमार, पुष्पेंद्र आदि के परिवार भी शामिल थे। हादसे की जानकारी पर परिवार के लोग पंजाब के लिए रवाना हो गए।