मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाना क्षेत्र के बेहड़ा अस्सा गांव से लापता हुए 36 वर्षीय विकसित उर्फ रॉकी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए आरोपी मोंटी त्यागी की निशानदेही पर कादीपुर के जंगल से सिर कटा शव बरामद किया है।
बताया गया कि पिछले महीने 18 मई को रॉकी अपनी पत्नी के साथ घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद 20 मई को गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान मामला हत्या में बदल गया।
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रॉकी हत्याकांड मुजफ्फरनगर
- फोटो : अमर उजाला
आठ फीट गहरे गड्ढे से मिला धड़
पुलिस आरोपी को लेकर कादीपुर के जंगल पहुंची, जहां जेसीबी की मदद से करीब आठ फीट गहरा गड्ढा खुदवाया गया। गड्ढे से रॉकी का सिर कटा धड़ बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार शव नग्न अवस्था में मिला और उसे गलाने के उद्देश्य से बड़ी मात्रा में नमक भी डाला गया था। घटनास्थल से एक आधार कार्ड भी बरामद हुआ है, जिसे जांच का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
सिर नहर में फेंकने की बात कबूली
पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से बताया कि हत्या के बाद शव से सिर अलग कर दिया गया और उसे नहर में फेंक दिया गया। पुलिस अब सिर की तलाश में अभियान चला रही है। देर रात तक सिर बरामद नहीं हो सका था। पुलिस का कहना है कि आरोपी के दावों की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर परखा जाएगा।
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रॉकी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी, बेटे और पुत्रवधू पर गंभीर आरोप
जांच में मृतक की पत्नी रेणू, सौतेले बेटे बादल और पुत्रवधू निशा के नाम सामने आए हैं। तीनों के खिलाफ अपहरण और हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार वारदात के पीछे पारिवारिक विवाद प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।
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रॉकी हत्याकांड मुजफ्फरनगर
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल ऑन कर पुलिस को करते रहे गुमराह
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए रॉकी के मोबाइल फोन को समय-समय पर चालू रखा, ताकि यह लगे कि वह जीवित है। पुलिस ने कई राज्यों में दबिश दी, लेकिन आरोपी लगातार ठिकाने बदलते रहे। अंततः मोंटी त्यागी की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।