मुरादाबाद की शहर की पॉश कॉलोनी में दुस्साहसिक घटना होने के बाद भी पुलिस की नींद नहीं टूटी। शनिवार को भी दिनभर रामगंगा विहार पुलिस चौकी के पास हाई स्ट्रीट और गोल्डन गेट ग्लोबल स्कूल वाली सड़क पर युवक कारें दौड़ाते रहे और कार चलाना सीखते रहे। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी यहां वाहन सीखने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।
गोल्डन गेट और हाई स्पीड वाली सड़क के आसपास कई काॅम्प्लेक्स और शोरूम हैं। इसके अलावा कुछ भवनों का निर्माण किया जा रहा है। यहां रहने वाले राजीव कुमार का कहना है कि कार सीखने वाले सुबह से शाम तक यहां आते हैं और रफ्तार में कार चलाते हैं। युवक यहां रील बनाते हैं। कभी-कभी तो इतनी भीड़ हो जाती है कि यहां से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
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छात्राओं को टक्कर मारने के आरोपी
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यहीं के रहने संजीव बताते हैं कि शुक्रवार को युवकों ने कार से छह छात्राओं को टक्कर मार दी थी। पुलिस ने भी कई बार चक्कर लगाया था और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली थी। इसके बाद लगा कि यहां अब कुछ शांति हो जाएगी, लेकिन शनिवार सुबह फिर से लोग यहां कार लेकर आए और सीखने लगे। यह नजारा सुबह से शाम तक रहा। जबकि यहां से पुलिस चौकी मात्र 100 से 150 मीटर की दूरी पर है। बावजूद इसके यहां कार सीखने वालों पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जा रही है।
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मुरादाबाद में इसी कार ने मारी थी छात्राओं को टक्कर
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'मैं जिंदा हूं, अब भी यकीन नहीं'
मैं जिंदा हूं, अब भी यकीन नहीं हो रहा है। हम सभी छात्राएं सड़क किनारे खड़ी होकर बातचीत कर रही थीं। इसी दौरान तेजी से टक्कर लगी और मैं हवा में उछलकर बोनट पर गिर गई। मैंने बोनट को किसी तरह पकड़ लिया। मेरे पैर नीचे लटके थे। चिल्ला रही थी, लेकिन लड़कों ने कार धीमी नहीं की। मैंने बोनट पकड़ रखा था। मौत सामने नजर आ रही थी। कार बहुत दूर तक घसीटते हुए ले गई। मेरे पैर सड़क पर टकरा रहे थे। इसके बाद मुझे होश नहीं रहा। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया। अब भी मुझे यकीन नहीं है कि मैं जिंदा हूं। यह शब्द, उन छह छात्राओं में से एक छात्रा के हैं, जिन्हें कार सवारों ने टक्कर मार दी थी।
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घटना के बाद अस्पताल पहुंचे परिजन
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मुंह के बल सड़क पर गिरी और आंखें हो गई थी बंद
विवेकानंद अस्पताल में भर्ती दूसरी छात्रा आपबीती सुनाते हुए रोने लगी। कुछ देर शांत रहने के बाद बोली, हम सभी सहेलियां बहुत खुश थीं। मैं सहेलियों के साथ सड़क के किनारे खड़ी थी। हम आपस में बातचीत कर रहे थे। एक दूसरे को टाटा करके घर जाने की तैयारी में थे। तभी एक कार हमारी ओर आती दिखी। पूरी सड़क खाली थी, लेकिन कार ने हम सभी को तेज टक्कर मार दी। मैं हवा में उछल गई। कानों से आवाज आनी बंद हो गई। मैं मुंह के बल सड़क पर गिरी। इसके बाद आंखें बंद हो गईं। कुछ भी दिखाई नहीं दिया। इसके बाद होश नहीं रहा। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया है। मेरी बाकी सहेलियां ठीक तो हैं।
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अस्पताल पहुंचे परिजन
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छात्राएं बोलीं, छेड़खानी के विरोध में चढ़ाई कार, पुलिस ने बढ़ाई पॉक्सो एक्ट
पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर तीन छात्राओं के बयान दर्ज किए। जिसमें छात्राओं ने बताया कि आरोपियों ने उनके साथ छेड़खानी की। विरोध किया तो कार चढ़ाकर उन्हें मारने की कोशिश की। पुलिस ने छात्राओं के बयान के आधार पर पॉक्सो एक्ट की धारा भी बढ़ा दी है। इसके अलावा पुलिस ने वायरल वीडियो और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी केस का हिस्सा बना लिया है।