फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

UP: रजिस्टर के 18 पेज में प्रधानाध्यापक के उत्पीड़न का चिट्ठा... बेटा बोला-ट्रांसफर हो जाता तो जिंदा होते पापा

Wed, 02 Oct 2024 02:17 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 02 Oct 2024 02:17 PM IST
विज्ञापन
UP news 18 pages of register will reveal details of harassment by headmaster in amroha
headmaster committed suicide - फोटो : अमर उजाला
प्रधानाध्यापक संजीव कुमार की मौत का चिट्ठा रजिस्टर में कैद 18 पेज खोलेंगे। इसके लिए डीएम ने चार सदस्य कमेटी गठित की है। इस सुसाइड रजिस्टर का जिक्र संजीव कुमार ने घटनास्थल से मिले दो पेज के सुसाइड नोट में किया है।


गजरौला क्षेत्र के सुल्तानठेर स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने मंगलवार सुबह अपने ही कक्ष में फंदे पर लटक कर जान दे दी। घटनास्थल पर दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। जिसमें रजिस्टर में 18 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा होने का दावा किया है।

इसमें लिखा है कि पूरी दास्तान सुसाइड रजिस्टर में लिखी है, जो 18 पेज का है। पुलिस ने इस रजिस्टर को भी कब्जे में ले लिया है। उधर, डीएम निधि गुप्ता ने एडीएम न्यायिक मायाशंकर की अध्यक्षता में चार सदस्य कमेटी गठित की है। 
UP news 18 pages of register will reveal details of harassment by headmaster in amroha
मौके पर जमा भीड़ - फोटो : अमर उजाला
जिसमें डीआईओएस विष्णु प्रताप सिंह, सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा और एएसपी राजीव कुमार सिंह को सदस्य बनाया गया है। ये टीम प्रधानाध्यापक संजीव कुमार की मौत की जांच करेगी। जबकि, पुलिस की जांच अलग चल रही है। चर्चा है कि रजिस्टर में कैद सुसाइड नोट ही शिक्षक संजीव कुमार की आत्महत्या के पीछे का राज खुलेगी। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है।
UP news 18 pages of register will reveal details of harassment by headmaster in amroha
मौके जांच करते अफसर - फोटो : अमर उजाला
बेटा बोला-रोज लड़ाई करते थे स्कूल के अध्यापक
प्रधानाध्यापक संजीव की आत्महत्या के बाद उनका परिवार पूरी तरह टूट गया है। वहीं, उनका परिवार सहायक अध्यापक के खिलाफ खुलकर सामने आ गया है। उनके बेटे अनुज सिंह ने बताया कि स्कूल के शिक्षक उनके पिता से रोज लड़ाई करते थे। वह उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। मंगलवार को पिताजी सुबह सात बजे घर निकले थे। शिक्षकों ने उनका शव स्कूल में उनके ही कक्ष में लटकता देखा। इसके बाद उन लोगों ने मुझे सूचना दी। पिताजी ने व्हाट्सएप पर मुझे मैसेज भी भेजा था, लेकिन मेरे देखने से पहले ही उन्होंने डिलीट कर दिया था। सोमवार की रात से वह परेशान थे। हमने उसने पूछा भी था, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
UP news 18 pages of register will reveal details of harassment by headmaster in amroha
मौके पर जमा लोग - फोटो : अमर उजाला
पिता के कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक बनने से नाराज था राघवेंद्र
प्रधानाध्यापक संजीव की आत्महत्या के बाद साथी शिक्षक सवालों के कटघरे में खड़े हो गए हैं। जबकि, सहायक राघवेंद्र द्वारा उनसे रंजिश रखने की बात सामने आ रही है। प्रधानाध्यापक के बेटे ने भी राघवेंद्र पर उनसे रंजिश रखने और साजिश करने के आरोप लगाए। बेटे अनुज ने बताया कि पापा 2015 में जूनियर विद्यालय के प्रधानाध्यापक बने थे। गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में राघवेंद्र सिंह प्रधानाध्यापक था। 

2019 में दोनों विद्यालयों का विलय कर कंपोजिट विद्यालय बनाया गया था। जिसका प्रधानाध्यापक मेरे पापा को बनाया गया था। तभी से राघवेंद्र नाराज था और वह पापा से विवाद करता रहता था। राघवेंद्र के बीएसए मोनिका सिंह से अच्छे संबंध है। इसलिए वह पापा पर दबाव बनाता था। उत्पीड़न से परेशान होकर पापा ट्रांसफर के लिए कई बार लेटर लिख चुके थे। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
UP news 18 pages of register will reveal details of harassment by headmaster in amroha
मौके जांच करते अफसर - फोटो : अमर उजाला
प्रधान की मौजूदगी में पुलिस ने तोड़ी खिड़की
संविलियन विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने अपने ही कक्ष में रस्सी से लटककर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को विद्यालय में पहुंचने वाले शिक्षकों में सबसे पहले संजीव कुमार ही थे। उनके बाद कुछ बच्चे विद्यालय पहुंचे। इसके बाद करीब 8:30 बजे सहायक अध्यापक प्रदीप सिरोही पहुंचे थे। प्रदीप ने देखा कि विद्यालय के परिसर ने इंचार्ज अध्यापक संजीव कुमार की बाइक खड़ी है, लेकिन वह कहीं दिखाई नहीं दे रहे। इसके बाद उनकी खोजबीन की तो पता चला कि वह प्रधानाध्यापक कक्ष में हैं, लेकिन अंदर से दरवाजा लॉक है। उन्हें आवाज देकर दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर कक्षा छह के एक छात्र को ऊंचा उठाकर जंगले में झांककर दिखाया गया। फंदे पर लटके हुए संजीव कुमार को देखकर बच्चा बदहवास हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई। पुलिस व प्रधान चंद्रपाल सिंह की मौजूदगी में ही खिड़की काटी गई। इसके बाद पुलिसकर्मी अंदर दाखिल हुए और अंदर से दरवाजा खोला गया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed