डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी में आउट परेड के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस को 749 दरोगा मिल गए। परेड की सलामी बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ली। इस आयोजन में दो भाइयों से सबसे ज्यादा चर्चा रही। गाजीपुर के गहमर थाना क्षेत्र के बारा गांव निवासी शोएब और उनके छोटे भाई नदीम ने एक साथ पढ़ाई की। भर्ती होने के लिए तैयारी भी साथ की। अब दोनों भाई पास आउट होकर दरोगा भी एक साथ बने हैं। इनके पिता मोहम्मद परवेज खान पश्चिम बंगाल पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात हैं।
UP: फार्म साथ भर जमकर दौड़े, एक साथ ट्रेनिंग कर सगे भाई बने दरोगा, पूरे प्रदेश में हो रही इनकी चर्चा
नदीम और शोएब ने गांव से ही पढ़ाई शुरू की थी। इंटरमीडिएट के बाद दोनों लखनऊ में पढ़ाई करने चले गए थे। यहां नदीम और शोएब ने एक साथ फार्म भरा और परीक्षा की तैयारी किए। दोनों भाइयों का चयन एक साथ ही यूपी पुलिस में दरोगा के पद हुआ और संयोग देखिए के ट्रेनिंग के लिए दोनों भाइयों को डॉ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी भेजा गया। शनिवार को दोनों भाई एक साथ पास आउट हुए तो दोनों ने एक दूसरे को मुबारकबाद दी। हालांकि यहां से दोनों का सफर अलग-अलग हो गया है।
देवरिया के चंदन कुमार बने सर्वांग सर्वोत्तम
डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी में चंदन कुमार मिश्रा सर्वांग सर्वाेत्तम चुने गए हैं। चंदन कुमार देवरिया जनपद के लार थाना के रौली गांव निवासी हैं। चंदन कुमार मिश्रा यूपी पुलिस के 2019 बैच में सिपाही चुने गए थे। एसआई में चयनित होने पर उन्होंने सिपाही पद से त्यागपत्र दे दिया था। उनकी पत्नी अंकिता भी यूपी पुलिस की कांस्टेबल हैं। एक चार माह का बेटा शिवांश है। चंदन कुमार को लखनऊ जनपद में तैनाती मिली है। चंदन कुमार के पिता रामप्रवेश मिश्र किसान हैं जबकि मां मीरा देवी गृहिणी हैं। बड़े भाई सुरेश कुमार मिश्रा प्राइवेट नौकरी करते हैं। छोटा भाई विशाल का बिहार टीजीटी में चयन हुआ है।
सिपाही रहते की तैयारी इनडोर टॉपर बने सौरभ
अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान हुई परीक्षा में सर्वोच्च अंक पाकर वाराणसी के गांव जगदीशपुर निवासी प्रशिक्षु दरोगा सौरभ कुमार पटेल इनडोर टॉपर बने। उनके पिता दिनेश कुमार पटेल वेल्डर हैं। मां माधुरी देवी गृहिणी हैं। दो भाई प्रिंस पटेल और गौरव पटेल हैं। सौरभ यूपी पुलिस में पूर्व में सिपाही के पद पर चयनित होकर सेवाएं भी दे चुके हैं। वह अपने परिवार में अकेले सरकारी नौकरी करने वाले हैं। सौरभ कुमार का कहना है कि वह सिपाही के पद पर तैनात थे लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और जिसका उन्हें अच्छा नतीजा मिला। वह आगे भी स्टडी जारी रखेंगे और यूपीपीसीएस की परीक्षा देंगे।