संभल शहर की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए दाखिल वाद के आधार पर सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर की टीम पहुंची तो संभल में बवाल हो गया। रविवार सुबह अचानक टीम के आने पर जुटी भीड़ मस्जिद में दाखिल होने कोशिश करने लगी। रोकने पर पुलिस पर पथराव कर दिया। हिंसक हुई भीड़ ने सीओ की गाड़ी समेत कई वाहनों में तोड़फोड़ कर दी और आग लगा दी। इसी बीच फायरिंग भी शुरू हो गई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। बवाल में घिरकर पांच लोगों की मौत हो गई। कई अधिकारियों समेत दर्जनों लोग घायल हुए हैं। तनाव को देखते हुए संभल में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।
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संभल में जामा मस्जिद के नजदीक पुलिस पर पथराव करते उपद्रवी
- फोटो : अमर उजाला
सर्वे टीम कोर्ट कमिश्नर चंदौसी के वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश सिंह राघव की अगुवाई में आई थी। संभल के डीएम डॉ. राजेंद्र पैसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई भी टीम के साथ थे। बाहर हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले और लाठियां चलाकर हिंसक लोगों को दौड़ाया और सर्वे टीम को सुरक्षित मस्जिद से बाहर निकाला। कुछ देर में भीड़ फिर जुट गई और पथराव शुरू कर दिया। फायरिंग भी की गई।
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ईंटों के ढेर के नजदीक से पथराव करते उपद्रवी
- फोटो : अमर उजाला
शहर में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल
मौके पर पहुंची अन्य जिलों की पुलिस और पीएसी के साथ अधिकारियों ने उपद्रव करती भीड़ से मोर्चा लिया। इसके बावजूद करीब डेढ़ घंटे हालात बेकाबू रहे। जैसे-तैसे भीड़ को तितर-बितर कर पुलिस आगे बढ़ी। पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी। इस बीच पूरे शहर में तनाव गहरा गया। शाम होने तक सख्ती इतनी बढ़ा दी गई कि शहर में अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल हो गया।
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संभल में जामा मस्जिद के पीछे उपद्रवी पुलिस पर पथराव करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
'दो की मौत गोली लगने से हुई'
हिंसा का शिकार युवकों के परिजनों ने पुलिस की गोली से मौत होने की बात कही है। दूसरी ओर मौके पर पहुंचे कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि तीन युवकों में दो की मौत गोली लगने से हुई है, लेकिन पुलिस ने गोली नहीं चलाई थी। तीसरे युवक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। कमिश्नर के मुताबिक घायलों में डीआईजी, संभल के डीएम, एसपी और एसडीएम भी शामिल हैं।
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संभल में पुलिस पर पथराव करती भीड़
- फोटो : अमर उजाला
शांति भंग करने की पहले से थी तैयारी कमिश्नर
कमिश्नर आंजनेय सिंह ने कहा, सर्वे का काम शांतिपूर्वक चल रहा था। विवाद तब शुरू हुआ, जब लोगों का एक समूह वहां अचानक जमा हुआ और नारेबाजी शुरू कर दी। अधिकारियों ने भीड़ को समझाने की कोशिश भी कि सर्वे सुबह में इसलिए किया जा रहा है ताकि दिन में नमाज के समय लोगों को परेशानी न हो, पर लोग संतुष्ट नहीं हुए। पुलिस ने इलाके को खाली कराने का प्रयास किया तो पथराव शुरू कर दिया गया। लोग शायद शांति को भंग करने के लिए पहले से तैयार होकर आए थे।