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‘आखिर कब तक हम सर्दी में यहां बैठे रहेंगे’, सुसाइड नोट में किसानों का दर्द बयां कर बाबा कश्मीर सिंह फंदे पर झूले
Sun, 03 Jan 2021 10:14 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 03 Jan 2021 10:14 AM IST
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किसान बाबा कश्मीर सिंह ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
कृषि कानून के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन में रामपुर के किसान बाबा कश्मीर सिंह ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। आत्महत्या करने से पहले गुरुमुखी में लिखे गए अपने सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी आत्महत्या का जिम्मेदार सरकार को बताया है। लिखा कि आखिर हम कब तक यहां सर्दी में बैठे रहेंगे। ये सरकार सुन नहीं रही है और इसलिए अपनी जान देकर जा रहा हूं ताकि कोई हल निकल सके।
बाबा कश्मीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला।
बाबा कश्मीर सिंह की आत्महत्या करने की खबर से लखनऊ से लेकर रामपुर तक अधिकारियों के फोन घनघनाने लगे। सरकार को यह चिंता सता रही थी कि कश्मीर सिंह की आत्महत्या के मामले को लेकर किसानों का आंदोलन कहीं और उग्र रूप में धारण न कर ले। बाबा कश्मीर सिंह ने अपनी अंतिम इच्छा जताई थी कि उनका अंतिम संस्कार उनके पोते के हाथों यहीं दिल्ली यूपी बॉर्डर पर होना चाहिए लेकिन सरकार ने उनकी इच्छा भी पूरी नहीं की।
किसान बाबा कश्मीर सिंह ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराए बिना ही उनके शव को कड़ी सुरक्षा में रामपुर के लिए रवाना कर दिया। रामपुर लाकर उनके शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया। इस दौरान जिला अस्पताल में भी पुलिस तैनात रही। इसके बाद उनके शव को पुलिस की सुरक्षा में उनके गांव पसियापुर भेज दिया गया।
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गाजीपुर बॉर्डर पर शनिवार को एक किसान ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
बिलासपुर क्षेत्र के पसियारपुर गांव में कश्मीर सिंह की आत्महत्या की खबर पहले से पहुंच चुकी थी। गांव में पहले ही पुलिस तैनात कर दी थी। एडीएम (प्रशासन) और एसीपी अरुण कुमार सिंह सहित अन्य कई पुलिस अधिकारी गांव में कैंप किए हुए हैं। एसपी शगुन गौतम भी गांव तक गए थे। बाबा कश्मीर सिंह ने नहीं रहने की खबर सुनकर बिलासपुर के क्षेत्र के साथ-साथ उत्तराखंड के किसान भी उनके गांव पहुंच गए हैं।
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किसान बाबा कश्मीर सिंह ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री और बिलासपुर के विधायक बलदेव सिंह औलख ने कश्मीर सिंह के गांव पहुंचकर शोक व्यक्त किया। उन्होंने परिजनों से कहा कि प्रदेश सरकार उनके साथ है। औलख ने कश्मीर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करने के साथ-साथ वहां मौजूद लोगों का मिजाज भांपने की कोशिश की।