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Shabnam Case: शबनम से मिलकर जेल से बाहर आते ही रो पड़ा बेटा, बोला-प्रेसिडेंट अंकल मेरी मम्मा को माफ कर दो
Sun, 21 Feb 2021 06:24 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 21 Feb 2021 06:24 PM IST
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शबनम और सलीम
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के बावनखेड़ी में 14/15 अप्रैल 2008 में परिवार के सात सदस्यों को प्रेमी सलीम के साथ मिलकर मौत के घाट उतारने वाली शबनम ने रविवार को रामपुर जेल में अपने बेटे से मुलाकात की। रविवार को शबनम का बेटा लालन-पालन करने वालों के साथ अपनी मां से मिलने रामपुर की जेल पहुंचा था। दोपहर लगभग 12.10 बजे वह जेल से अंदर गया और लगभग 1.15 पर बाहर आया। लगभग एक घंटे तक मां-बेटे के बीच मुलाकात हुई।
शबनम और सलीम
- फोटो : अमर उजाला
अपने बेटे को देखकर शबनम ने उसे गले लगा लिया और फूट-फूटकर रोई। उसने अपने बेटे को मन लगाकर पढ़ाई करने की नसीहत दी। लगभग एक घंटे के बाद शबनम का बेटा जेल से बाहर आया तो उसकी आंखों में आंसू थे। वह अपनी के साथ हुई मुलाकात करने के बाद कुछ बताना नहीं चाह रहा था।
शबनम
- फोटो : अमर उजाला
प्रेसिडेंट अंकल मेरी मम्मा को माफ कर दो
रामपुर जिला कारागार से बाहर आने के बाद शबनम के बेटे ने कहा कि उसने राष्ट्रपति से अपनी मां की सजा माफ करने की गुहार लगा रखी है। प्रेसिडेंट अंकल से कहा है कि मेरी मम्मा जी की सजा माफ कर दी जाए। शबनम के बेटे ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति एक बच्चे की गुहार जरूर सुनेंगे और उसकी मां की सजा को माफ कर देंगे। अपनी मां से हुई मुलाकात के बारे में उसने कहा कि मम्मा ने कहा है कि मन लगाकर पढ़ना, अच्छे से रहना। इस शबनम के बेटे की आंखों में आंसू थे।
रामपुर जिला कारागार से बाहर आने के बाद शबनम के बेटे ने कहा कि उसने राष्ट्रपति से अपनी मां की सजा माफ करने की गुहार लगा रखी है। प्रेसिडेंट अंकल से कहा है कि मेरी मम्मा जी की सजा माफ कर दी जाए। शबनम के बेटे ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि राष्ट्रपति एक बच्चे की गुहार जरूर सुनेंगे और उसकी मां की सजा को माफ कर देंगे। अपनी मां से हुई मुलाकात के बारे में उसने कहा कि मम्मा ने कहा है कि मन लगाकर पढ़ना, अच्छे से रहना। इस शबनम के बेटे की आंखों में आंसू थे।
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उस्मान
- फोटो : अमर उजाला
मेरे बेटे की पहचान उजागर नहीं की जाए
शबनम के बेटे की मां की तरह परवरिश करने वाली महिला ने कहा कि उनके बेटे की पहचान उजागर नहीं की जाए। मीडिया के लोग अपना फोकस शबनम पर रखें, ना कि उसके बेटे पर। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा स्कूल में जाता है, अगर उसकी पहचान उजागर हो जाएगी तो उसके दोस्त के उसके बारे में क्या सोचेंगे। एक बाल मन पर इसका क्या असर पड़ेगा इस बारे में भी सोचना चाहिए।
शबनम के बेटे की मां की तरह परवरिश करने वाली महिला ने कहा कि उनके बेटे की पहचान उजागर नहीं की जाए। मीडिया के लोग अपना फोकस शबनम पर रखें, ना कि उसके बेटे पर। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा स्कूल में जाता है, अगर उसकी पहचान उजागर हो जाएगी तो उसके दोस्त के उसके बारे में क्या सोचेंगे। एक बाल मन पर इसका क्या असर पड़ेगा इस बारे में भी सोचना चाहिए।
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शबनम
- फोटो : अमर उजाला
उस्मान ने भी कहा कि मीडिया की कुछ जिम्मेदारी होती है, उसका पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों से किसी को उसके बारे में कुछ पता नहीं था, लेकिन इन तीन दिनों में सबको पता चल गया कि वह कौन है। उन्होंने कहा कि शबनम के बेटे को वो अपने बेटे की तरह रखते हैं। उनका तो अपना कोई बच्चा भी नहीं है। उनका बेटा यही है। शबनम के पिता की संपत्ति के बारे में उन्होंने कहा कि मुझे या मेरे बेटे को कुछ नहीं चाहिए।