हस्तिनापुर सेंक्चुरी में आज विश्व वेटलैंड डे पर आयोजित बर्ड फेस्टिवल में मेरठ के कस्तूरबा गांधी विद्यालय की पांच सौ बालिकाएं विदेशों मेहमान परिंदों से रूबरू होने पहुंचीं।
कैसे दूसरे देशों से ये परिंदे लंबी उड़ान भरकर भारत आते हैं और फिर उसी रास्ते को अपने अपने देशों को लौट जाते हैं ये सभी जानकारियां यहां छात्राओं को दी जाएंगी। आगे देखें कैसे विदेशी परिंदों के स्वागत के लिए छात्राओं में दिखा गजब का उत्साह: -
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Hastinapur Wildlife Sanctuary
- फोटो : अमर उजाला
विश्व वेटलैंड डे के मौके पर आयोजित बर्ड फेस्टिवल में प्रवासी पक्षियों के बारे में भ्रमण पर हस्तिनापुर सेंक्चुरी में पहुंची छात्राओं को बताया जाएगा। किस तरह ये परिंदे हजारों किलोमीटर दूर से हिमालय पार करके यहां आते हैं। किस तरह लौट जाते हैं। यह सभी जानकारियां बच्चियों को दी जाएंगी। सेंक्चुरी में रहने वाले वन्य जीवों के बारे में भी उन्हें जानने का मौका मिलेगा।
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सामाजिक वानिकी प्रभाग और जिला प्रशासन ने रविवार को भीकुंड वेटलैंड पर बर्ड फेस्टिवल का कार्यक्रम आयोजित किया है। इसमें मेरठ के पांच कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं भाग ले रही हैं।
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डीएफओ अदिति शर्मा ने बताया कि बर्ड फेस्टिवल में सुबह 10 से बच्चियों को भ्रमण कराया जा रहा है। यहां पर वे बार हैडिड गूज, ग्रे लैग्ड गूज, रूडी सैल डक, सारस क्रेन, लिटिल कोरमोरेंट, कोमन कोट्स प्रजाति के पक्षियों से रूबरू होंगी।
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इंटरप्रटेशन सेंटर में हस्तिनापुर सेंक्चुरी में पाए जाने वाले हिरण, अजगर, सांप, कछुए, डॉल्फिन, घड़ियाल और पक्षियों के चित्र एवं स्लोग्न के जरिए जानकारी दी जाएगी।