मेहमान परिंदों से हस्तिनापुर सेंक्चुरी गुलजार है। सुबह-शाम ये पक्षी अठखेलियां करते सबका मन मोह लेते हैं। दुनिया में 50 फीसदी ऐसे परिंदें हैं, जो सदियों से एक देश से दूसरे देश में हजारों मील का सफर तय करके प्रवास करने जाते हैं। दो फरवरी को विश्व वेटलैंड दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर देखें प्रकृति के साथ अठखेलियां करते इन विदेशी परिंदों की शानदार तस्वीरें: -
2 of 9
हस्तिनापुर बर्ड सेंक्चुरी
- फोटो : अमर उजाला
ये परिंदे रूस, मंगोलिया, चीन, अफ्रीका आदि देशों से भारत आते हैं। उत्तरी गोलार्ध में अक्तूबर माह में बर्फबारी होती है। ऐसे में वहां रहने वाले परिंदों को भोजन के अभाव में दूसरे देशों का रुख करना पड़ता है।
3 of 9
हस्तिनापुर बर्ड सेंक्चुरी
- फोटो : अमर उजाला
भारत में मौसम अनुकूल होने पर ये परिंदे गाजियाबाद, मेरठ, हस्तिनापुर सेंक्चुरी, ब्रजघाट और बिजनौर बैराज में नवंबर माह में आना शुरू कर देते हैं। दर्जनों प्रजाति के ये परिंदे फरवरी के अंत में अपने देश लौटना शुरू कर देते हैं।
4 of 9
हस्तिनापुर बर्ड सेंक्चुरी
- फोटो : अमर उजाला
सूरज देखकर चुनते हैं दिशा
ये परिंदे झुंड में 30 से 35 हजार किलोमीटर का सफर तय करके आते हैं। दूरी तय करने में 10 से 12 दिन का समय लगता है। कुछ परिंदे रात को तो कुछ दिन में उड़ान भरते हैं। ये अपना रास्ता सूर्य की दिशा और चांद-तारों की स्थिति देखकर करते हैं। पर्वतों, नदियों, वनों और झीलों के जरिए ये जगहों की पहचान करते हैं।
5 of 9
हस्तिनापुर बर्ड सेंक्चुरी
- फोटो : हस्तिनापुर बर्ड सेंक्चुरी,Wetland Day 2020, Hastinapur wildlife sanctuary
अमेरिका में सौ फीसदी फ्लाइवेज हो चुके मैप
फ्लाइवेज पक्षियों के अदृश्य आकाश मार्ग को कहते हैं। सदियों से इन्हीं फ्लाइवेज के जरिए पक्षी एक से दूसरे देशों में माइग्रेट करते रहे हैं। अमेरिका में पक्षियों के सौ फीसदी फ्लाइवेज मैप कर लिए गए हैं।