मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंच पर पहुंचते ही बड़ौत के विक्रम हत्याकांड में मां और बहन ने प्रार्थना पत्र लहराया। सीएम से निष्पक्ष जांच की मांग रखी। पुलिस ने महिलाओं को हटाने का प्रयास किया तो हंगामा हो गया। करीब दस मिनट तक हंगामा होता रहा। अगली स्लाइडों में जानिए फिर क्या हुआ-
सीएम योगी के पहुंचते ही पांडाल में लहराया प्रार्थना पत्र, जमकर हंगामा और नोकझोंक, देखें तस्वीरें
वहीं डीएम और अन्य अफसरों ने भी शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन नहीं मानने पर फिर बाद में गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने मंच से उतरकर महिलाओं को समझाया, निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि सीबीसीआईडी जांच की संस्तुति के साथ प्रार्थना पत्र शासन को प्रेषित कर दिया गया है।
30 अप्रैल को विक्रम की हत्या के मामले में सही खुलासा न करने का आरोप लगाते हुए मां कमला और बहन जनसभा के मंच के सामने पहुंच गई। उन्होंने सीएम के पहुंचते ही प्रार्थना पत्र लहराकर इंसाफ मांगा। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने प्रार्थना पत्र लेने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस जबरन महिलाओं को पांडाल से बाहर ले गई।
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वहीं हंगामा बढ़ने पर गन्ना मंत्री सुरेश राणा मंच से नीचे पहुंचे और दोनों महिलाओं से बातचीत की। इंसाफ का भरोसा दिलाया। गन्ना मंत्री के आश्वासन पर महिलाएं शांत हो गई। उधर, एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने बताया कि बड़ौत के शोरूम कर्मी विक्रम हत्या के मामले में मां कमला देवी ने सीबीसीआईडी से जांच कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। उसे स्वीकार कर लिया गया है। शासन को पत्र प्रेषित कर दिया गया है। शासन से ही सीबीसीआईडी से जांच कराने की स्वीकृति मिलेगी।
आग लगने से मची अफरा-तफरी
कार्यक्रम स्थल के बाहर जिस जगह चेंकिग चल रही थी, वहां किसी व्यक्ति ने माचिस की तीली गन्ने की पत्ती में छोड़ दी। इससे आग लग गई और वहां अफरातफरी मच गई। कुछ लोगों और पुलिस कर्मचारियों ने मिट्टी डालकर आग को बुझाया। एक ग्रामीण के पास चाकू मिला, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।