शामली के थाना भवन और बाबरी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश समयदीन मारा गया। मृतक की बहन फिरदौस ने बताया कि समयदीन अंतिम बार पांच माह पूर्व कांधला आया था। फिरदौस ने बताया कि समयदीन दो वर्षों तक जेल में बंद रहा था।
जेल से छूटने के बाद जब वह कांधला आया तो पुलिस को पता चलते ही उसका पीछा किया गया। समयदीन एनकाउंटर के डर से कस्बे से कर्नाटक लौट गया था।समयदीन का परिवार पहले नगर के मोहल्ला रायजादगान में जोगियों वाली मस्जिद के पास रहता था। उसके पिता मेहरदीन ने उसे अपराध की दुनिया से बचाने की कोशिश की थी।
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मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लगातार शिकायतों के बाद पिता ने लगभग 13 वर्ष पूर्व अपने परिवार से समयदीन को बेदखल कर दिया। इसके बाद उसने नई बस्ती मुस्तफाबाद, कांधला देहात में अपना आशियाना बनाया। पुलिस की लगातार दबिश और धरपकड़ के कारण समयदीन ने कैराना, मौहल्ला तालाब वाला में शिफ्ट होकर कर्नाटक में बसने का निर्णय लिया, जहां वह कपड़ों की फेरी करके अपना और परिवार का गुजारा कर रहा था।
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अस्पताल में पहुंचे पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कस्बे में की थी लाखों की लूट
समयदीन की आपराधिक गतिविधियों में सबसे चर्चित घटना एक दशक पहले हुई थी। नगर के मोहल्ला राजयादगान में उसने मदन वर्मा सुनार के घर शादी का कार्ड देने के बहाने घर का गेट खुलवाया, पत्नी को बंधक बनाया और लाखों रुपये की लूट की। बाद में केस में उसका नाम उजागर होने पर कैराना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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समयदीन का गमगीन परिवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
समयदीन के पिता का निधन कई समय पहले हो चुका था। उसके तीन बेटे आसिफ, आदिल और हासिम हैं। कुल नौ भाई-बहन में समयदीन दूसरे नंबर पर था। उसकी मां शबीना, भाई फारुख, साबिर और हफीजी इदरीश तथा पांच बहनें हैं, सभी अपने परिवार के साथ अपना जीवन यापन कर रहे हैं। मुठभेड़ के बाद समयदीन के घर पर परिचितों और रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ था।
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समयदीन की फाइल फोटो और अस्पताल में भर्ती पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर समयदीन ढेर
शामली के थानाभवन व बाबरी पुलिस के साथ भैंसानी के जंगल में बंद पड़े ईंट भट्ठे पर हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी अंतरराज्यीय बदमाश समयदीन उर्फ सामा मारा गया। समयदीन मुकीम काला और नफीस गैंग का सदस्य था। इसके अलावा झिंझाना में पुलिस मुठभेड़ में गोकशी के दो और कैराना पुलिस के साथ मुठभेड़ में गोकशी का एक आरोपी गोली लगने से घायल हुआ है।