वर्षों की कठिन मेहनत के बाद माता-पिता का सपना साकार हुआ तो उनका सिर फख्र से ऊंचा हो गया। बेटे-बेटी को पुलिस की वर्दी में देखकर उनके चेहरे खिल उठे। दिल से अपने लाल के लिए ढेरों आशीर्वाद निकल रहे थे और आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे थे।
बेटे-बेटी के बदन पर खाकी वर्दी देख गर्व से चौड़ा हुआ माता-पिता का सीना, फख्र से ऊंचा हुआ सिर
बेटियों की कामयाबी पर खिले चेहरे
पासिंग परेड आउट में 327 बेटियों को कामयाबी छूते देखकर परिजनों के चेहरे खिल उठे। भव्य परेड के इस नजारे को लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया है। पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में 317 बेटियों ने पासिंग परेड आउट में भाग लिया। 332 महिला रिक्रूट की भर्ती हुई थी। पांच कैडेट्स उनके नियुक्ति जनपदों को वापस किए गए।
327 अंतिम परीक्षा में सम्मलित हुए, जोकि पास हुए। 327 महिला रिक्रूट की 12 टोलियां बनीं। बारिश होने के बावजूद भी परेड ग्राउंड को बेहतर तरीके से सजाया। परेड में बेटियों में जबरदस्त जोश था।
परेड की प्रथम कमांडर तनु ने बताया कि उसका सपना पुलिस में अधिकारी बनने का है। हमेशा हौसला बुलंद रहा। वह अधिकारी बनने के लिये भी मेहनत करेंगी। द्वितीय कमांडर कैडेट दिव्या त्यागी ने बताया कि पुलिस भर्ती में फार्म भरने के बाद तैयारी में लगी थी। माता पिता ने हौसला नहीं टूटने दिया।
परिजनों के साथ ली सेल्फी
परेड के बाद प्रशिक्षुओं ने अपने परिजनों के साथ सेल्फी लीं। हापुड़ निवासी मदन शर्मा भी अपने परिवार के साथ छठी वाहिनी पीएसी में बेटे रोबिन शर्मा की परेड देखने आए थे।
उन्होंने बताया कि वह खेती करते हैं। बेटे को बचपन से ही फोर्स में जाने की ललक थी। आज उसे वर्दी में देख सीना चौड़ा हो गया। बागपत निवासी किसान वीर सैन ने बताया कि आज मेरा सपना सच हो गया।