मेरठ से सिर्फ दो घंटे दूर दिल्ली में मंगलवार को ही ओमिक्रॉन के 24 मरीजों की पुष्टि हुई है। धीरे-धीरे देश में 200 से ज्यादा लोगों में इसकी पुष्टि हो चुकी है। इसके बावजूद लोग बेखौफ होकर बिना मास्क के लालकुर्ती पैठ जैसे व्यस्तम बाजार में बेधड़क खरीददारी करने में जुटे हुए हैं।
मेरठ में ओमिक्रॉन का खतरा: जिले में हो रही बड़ी लापरवाही, कैमरे में कैद हुआ बाजार का ये हाल, लोगों को नहीं जान की परवाह
आज मिले तीन नए केस
मेरठ में कोरोना के तीन नए मरीज मिले हैं। बागपत रोड पर रहने वाले एक ही परिवार के तीन सदस्यों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। महिला दंत चिकित्सक मोदीनगर के एक डेंटल कॉलेज में फैकल्टी हैं। 17 दिसंबर को उनके कॉलेज में कार्यक्रम हुआ था। इसके बाद उनमें कोरोना के लक्षण आए, उनकी जांच कराई गई तो वह कोरोना पॉजिटिव आईं।
वहीं उनके संपर्क वाले पति, जो की एक निजी मेडिकल कॉलेज में सर्जन हैं और उनकी 10 साल की बेटी की भी जांच कराई तो उसको भी कोरोना की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बाईपास स्थित निजी मेडिकल कॉलेज के 100 से ज्यादा स्टाफ की सैंपलिंग की है। उनकी रिपोर्ट गुरुवार को आएगी।
विदेश से आए 41 लोगों समेत 5403 की जांच, रिपोर्ट निगेटिव
विदेश से आए 41 लोगों समेत मंगलवार को 5403 लोगों की कोरोना की जांच की गई, सबकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। विदेश से जिले में 69 लोग और आए हैं। इस साल 24 नवंबर के बाद से अब तक 1783 लोग विदेश से आ चुके हैं, जिनमें से 1067 की जांच हो चुकी है, नौ लोग बिना जांच लौट गए। 707 की जांच बाकी है। जिले में अब तक 66046 मरीज मिल चुके हैं। तीन केस सक्रिय हैं। फोकस सैंपलिंग के तहत 35 स्थानों से 1249 लोगों के सैंपल लिए गए हैं।
जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट का इंतजार
जिले में भी ओमिक्रॉन का खौफ है। तीन महिलाओं की जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट का इंतजार है। केरल से आईं आर्मी अधिकारी, दक्षिण पूर्वी अफ्रीका के देश मलावी से आई महिला और दुबई से साबुन गोदाम आई युवती के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दिल्ली भेजे हुए हैं, अभी रिपोर्ट नहीं आई है। सोमवार को तो एक मरीज को ओमिक्रॉन की पुष्टि होने का हल्ला भी मच गया था।