इस शहर का कबाब कभी भूलकर भी मत खा लेना, क्योंकि यहां के कबाब की सच्चाई जानकर आप चौंक जाएंगे। आप तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि क्या हाल है इस शहर का। मामला यूपी के मेरठ शहर का है। यहां होटलों पर मृत पशुओं का मीट बेचे जाने का मामला सामने आया है। हालांकि इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके है। सद्दीक नगर में झुग्गी झोपड़ियों में मृत पशुओं का कटान कर शहर में होटलों पर मीट बेचा जा रहा था।
भूलकर भी मत खा लेना इस शहर में कबाब, सच्चाई कर देगी हैरान, देखें तस्वीरें
जाकिर कॉलोनी पुलिस चौकी से करीब आधा किमी की दूरी पर मीट का अवैध गोदाम चल रहा था और चौकी व थाना पुलिस को भनक नहीं लगी। एसपी सिटी ने अपने गनर को गोदाम में अंदर भेजा तो पुलिस की पोल खुल गई। इससे पहले भी जाकिर कॉलोनी, नीचा और ऊंचा सद्दीक नगर, इस्लामाबाद और समर गार्डन में अवैध मीट के गोदाम पकड़े जा चुके हैं।
गोदाम मालिक और उसके साथी दानिश ने पुलिस को बताया कि शहर में मृत पशुओं का ठेका छोड़ा जाता है। जिन पशुओं की मौत होती है ठेकेदार के माध्यम से उन पशुओं को गोदाम और अन्य स्थानों पर लाकर उनका कटान कर मीट को गाड़ियों में भरकर आशियाना कॉलोनी के गोदाम में लाया जाता था। यहां बर्फ में लगाने के बाद फ्रीजर में रखकर मीट की पैकिंग कर सप्लाई किया जाता था। शहर में 50 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से मीट सप्लाई किया जा रहा था। पता चला है कि मृत पशु और जिंदे पशुओं का अवैध तरीके से कटान किया जाता था। होटलों पर कबाब के लिए यह मीट सप्लाई किया जाता था।
मीट गोवंश का या भैंस का
एसपी सिटी ने बताया कि मुखबिर ने गोवंश कटान की ही सूचना दी थी। मौके पर भारी संख्या में जो मीट मिला है उसकी सैंपलिंग कराई गई है। मीट भैंस का है या गोवंश का, सैंपलिंग रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। प्रथम दृष्टया पूछताछ में आरोपियों ने मीट भैंस के अलावा मृत पशुओं का बताया है।
सपा नेता से थी नजदीकी
लोगों ने बताया कि गोदाम मालिक अपने को सपा कार्यकर्ता बताता था। जो पूर्व में एक सपा नेता के कार्यक्रम में भी साथ रहता था। एसपी सिटी का कहना है कि गोदाम मालिक सपा कार्यकर्ता है, पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने सपाई होने से इंकार किया है। पहले इरफान हापुड़ रोड पर एक मीट गोदाम में भी पशुओं के कटान का ठेका लेता था।
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